अयोध्या : अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से ट्रस्ट की देणगियों, बैंक खातों और जमीन से जुड़े व्यवहारों की जानकारी मांगी गई थी, लेकिन ट्रस्ट ने फिलहाल यह जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया है।
मामला तब सामने आया जब अयोध्या के स्थानीय भाजपा नेता रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। उन्होंने अपने पत्र में ट्रस्ट की देणगियों, आर्थिक लेन-देन और जमीन खरीद से जुड़े मामलों को सार्वजनिक करने की मांग उठाई थी।
शिकायत मिलने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने जिला प्रशासन से इस संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी। इसके बाद प्रशासन ने ट्रस्ट से वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। हालांकि ट्रस्ट की ओर से जवाब दिया गया कि इस मामले की जांच पहले से ही एसआईटी द्वारा की जा रही है, इसलिए फिलहाल किसी भी प्रकार की जानकारी उपलब्ध कराना संभव नहीं है।
जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट ने यह भी कहा है कि आवश्यक दस्तावेज और रिकॉर्ड जांच एजेंसियों के पास हैं और जांच पूरी होने तक वित्तीय या संपत्ति संबंधी जानकारी साझा नहीं की जा सकती। इस पूरे घटनाक्रम के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की पारदर्शिता और वित्तीय व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि चल रही जांच में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और ट्रस्ट की ओर से मांगी गई जानकारी कब सार्वजनिक की जाती है।


