हिंदी फिल्म जगत के जाने-माने निर्माता और पूर्व सेंसर बोर्ड अध्यक्ष पहलाज निहलानी का गुरुवार सुबह मुंबई में निधन हो गया। परिवार के सदस्यों ने उनके निधन की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज जारी था।
पहलाज निहलानी ने हिंदी सिनेमा को कई सफल और यादगार फिल्में दीं। उन्होंने ‘आग ही आग’, ‘इल्जाम’, ‘शोला और शबनम’ और ‘आंखें’ जैसी सुपरहिट फिल्मों का निर्माण किया था। एक निर्माता के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और कई कलाकारों के करियर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभिनेता गोविंदा, चंकी पांडे और नीलम कोठारी जैसे कलाकारों को लोकप्रियता दिलाने में उनका बड़ा योगदान माना जाता है।
फिल्म निर्माण के अलावा वह केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) के अध्यक्ष भी रह चुके थे। सेंसर बोर्ड प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल काफी चर्चित और विवादों से घिरा रहा। कई फिल्मों को लेकर लिए गए उनके फैसलों पर बहस छिड़ी थी। वर्ष 2017 में उन्हें इस पद से हटाकर प्रसून जोशी को बोर्ड का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
पहलाज निहलानी के निधन से फिल्म उद्योग में शोक की लहर है। उनके प्रशंसक, फिल्मी हस्तियां और सहयोगी उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर 3 बजे मुंबई के सांताक्रूज़ हिंदू श्मशान घाट में किया जाएगा।


