भारत में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने की दिशा में ऑटोमोबाइल क्षेत्र एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अब जल्द ही सड़कों पर ऐसी इनोवा दौड़ती नजर आ सकती है, जो 100 प्रतिशत इथेनॉल से चलेगी। टोयोटा अपनी नई Innova Hycross Flex-Fuel को बाजार में उतारने की तैयारी में है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर बड़ी जानकारी दी है।
हाल ही में आयोजित ‘ENRich 2026’ एनर्जी कॉन्फ्रेंस में गडकरी ने बताया कि इस महीने 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलने वाली टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस का अनावरण किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 25 नवंबर को इसकी आधिकारिक लॉन्चिंग होने की संभावना है। अगर ऐसा होता है, तो यह भारत के वैकल्पिक ईंधन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
आखिर क्या है इस कार की सबसे बड़ी खासियत?
इस इनोवा हाइक्रॉस की सबसे बड़ी विशेषता इसका फ्लेक्स-फ्यूल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम है। इसमें पारंपरिक पेट्रोल इंजन को इस तरह मॉडिफाई किया गया है कि वह 100 प्रतिशत इथेनॉल यानी E100 ईंधन पर भी चल सके। इसके साथ इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी वाली स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड तकनीक दी गई है। इस तकनीक का फायदा यह है कि कार में इंधन के साथ इलेक्ट्रिक पावर का भी इस्तेमाल होगा। हालांकि, पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल की खपत अधिक हो सकती है, लेकिन हाइब्रिड सिस्टम ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल में मदद कर सकता है।
E20 से सीधे E100 की ओर बढ़ेगा कदम?
फिलहाल देश में E20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलने वाली कार का आना वैकल्पिक ईंधन की दिशा में एक बड़ा प्रयोग माना जा रहा है। इथेनॉल का उत्पादन कृषि आधारित स्रोतों से किया जा सकता है। इससे किसानों के लिए नए अवसर पैदा होने और पेट्रोलियम ईंधन के आयात पर निर्भरता कम करने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। हालांकि, वास्तविक बचत और पर्यावरणीय लाभ इथेनॉल की कीमत, उपलब्धता और उत्पादन प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे।
डिजाइन और फीचर्स में भी दिखेंगे बदलाव
इनोवा हाइक्रॉस के नए मॉडल में केवल इंजन ही नहीं, बल्कि डिजाइन और फीचर्स में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें नया फ्रंट बंपर, अपडेटेड टेल लैंप्स और नए डिजाइन के अलॉय व्हील्स दिए जा सकते हैं। वहीं, कार के केबिन में 12.3 इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलने की जानकारी सामने आई है। हाइब्रिड वेरिएंट में 12.3 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, जबकि पेट्रोल वेरिएंट में 7 इंच का डिस्प्ले मिलने की संभावना है।
क्या बदल सकती है भारत की गाड़ियों की तस्वीर?
अगर 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलने वाली यह हाइब्रिड कार भारतीय बाजार में आती है, तो इसका असर केवल ऑटोमोबाइल सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा। इससे वैकल्पिक ईंधन, कृषि आधारित ऊर्जा और देश की ईंधन नीति को भी नई दिशा मिल सकती है।
अब सबकी नजरें 25 नवंबर पर टिकी हैं। देखना होगा कि टोयोटा की यह नई पहल भारतीय ग्राहकों के लिए कब उपलब्ध होती है और इसकी कीमत व माइलेज को लेकर कंपनी क्या जानकारी देती है।


