उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। रिलायंस ग्रुप से जुड़े कथित वित्तीय घोटालों और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 510 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इस कार्रवाई की सबसे ज्यादा चर्चा दो निजी विमानों को लेकर हो रही है। जब्त की गई संपत्तियों में आलीशान फ्लैट, जमीन, पवनचक्कियां, बैंक जमा और निवेश भी शामिल हैं।
ईडी की इस कार्रवाई में एम्ब्रायर लेगसी 650 और डसॉल्ट फाल्कन 2000 जैसे दो निजी विमान भी शामिल हैं। इसके अलावा छह फ्लैट, जमीन के भूखंड और अन्य वित्तीय संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई है। यानी जांच का दायरा अब केवल कंपनियों के बैंक खातों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनसे जुड़ी दूसरी संपत्तियां भी जांच एजेंसी के निशाने पर हैं।
23 हजार करोड़ तक पहुंचा जब्ती का आंकड़ा
ईडी के मुताबिक, इस ताजा कार्रवाई के बाद अनिल अंबानी समूह से जुड़े मामलों में अब तक जब्त की गई कुल संपत्ति का आंकड़ा करीब 23,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom), रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में की गई है। जांच में रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस से जुड़े करीब 263.05 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का मामला शामिल है। वहीं, रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े 247.12 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की भी जांच की जा रही है।
विदेशों में पैसों के लेन-देन की भी जांच
ईडी को आशंका है कि भारत से विदेशों में टैक्स से जुड़े लेन-देन के जरिए पैसों की हेराफेरी की गई। इसी सिलसिले में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत भी अलग-अलग मामलों की जांच चल रही है। आरकॉम मामले में महाराष्ट्र में स्थित दो चार्टर्ड विमानों, छह भूखंडों और कार्यालय परिसर को जब्त किया गया है। वहीं, RHFL और RCFL से जुड़े मामलों में तमिलनाडु की दो पवनचक्कियों के साथ बैंक खातों की जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य निवेशों पर कार्रवाई की गई है।
इस पूरे मामले की जांच सीबीआई और दिल्ली व मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। रिलायंस ग्रुप की कई कंपनियां इस जांच के दायरे में हैं, जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस होम फाइनेंस, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस पावर और रिलायंस कैपिटल शामिल हैं।
फिलहाल, इस ताजा कार्रवाई पर अनिल अंबानी समूह के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार किया है। कुल मिलाकर, 510 करोड़ रुपये की नई जब्ती ने एक बार फिर अनिल अंबानी समूह से जुड़े वित्तीय मामलों को सुर्खियों में ला दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई में और कौन से खुलासे सामने आते हैं।


