पुणे : पुणे के विकास को नई रफ्तार देने वाले मेट्रो प्रोजेक्ट के बीच उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने पुणे के ऐतिहासिक और सामाजिक योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि जिस पुणे में क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले ने लड़कियों के लिए स्कूल शुरू किया था, उसी पुणे में आज मेट्रो की कमान सावित्री की बेटियों के हाथों में आई है। उनके इस बयान के जरिए महिला सशक्तिकरण और शहर के विकास के बीच एक खास संबंध देखने को मिला।
पुणे के बालेवाड़ी स्थित श्री शिवछत्रपति खेल परिसर के बैडमिंटन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में सुनेत्रा पवार बोल रही थीं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा माण-हिंजवड़ी से शिवाजीनगर तक पुणे मेट्रो की तीसरी लाइन का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जा रहा है। साथ ही पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की चार लाइनों के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया जा रहा है। इस अवसर पर सुनेत्रा पवार ने पुणे मेट्रो प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में अजित पवार के योगदान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मेट्रो के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने से लेकर परियोजना को मंजूरी दिलाने तक अजित दादा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पुणे के विकास के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए।
उन्होंने कहा कि पुणे में हर दिन हजारों विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और व्यवसायी सफर करते हैं। शहर की बढ़ती आबादी के साथ यातायात का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। ट्रैफिक जाम, यात्रा में लगने वाला समय और प्रदूषण जैसी समस्याओं को देखते हुए मेट्रो का विस्तृत नेटवर्क तैयार करना बेहद जरूरी है। मेट्रो से नागरिकों को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा।
मेट्रो परियोजनाओं पर 21,800 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित
पुणे मेट्रो की तीसरी लाइन का उद्घाटन और दूसरे चरण की चार लाइनों के कामों की शुरुआत शहर के बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इन दोनों परियोजनाओं के लिए करीब 21,800 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं से पुणे की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने और नागरिकों का सफर आसान होने की उम्मीद है।
सावित्रीबाई फुले की ऐतिहासिक विरासत का जिक्र करते हुए सुनेत्रा पवार ने अपने बयान से यह संदेश दिया कि जिस शहर ने कभी लड़कियों की शिक्षा के लिए सामाजिक क्रांति की शुरुआत देखी थी, आज उसी शहर के विकास में महिलाएं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं। यही वजह है कि उनका ‘सावित्री की बेटियों’ वाला बयान कार्यक्रम के बाद चर्चा में बना हुआ है।


