त्योहारों का मौसम है। घरों में मिठाइयां बन रही हैं और बाजारों में खाद्य पदार्थों की खरीदारी बढ़ गई है। ऐसे समय में अगर खाने-पीने की चीजों में मिलावट की आशंका सामने आए, तो चिंता होना स्वाभाविक है। महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की हालिया कार्रवाई ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
राज्य में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का खाद्य पदार्थों का स्टॉक जब्त किया है। इस कार्रवाई में पतंजलि के गाय के घी का स्टॉक भी शामिल है। घी पर गलत लेबल लगाए जाने और उसमें मिलावट होने का संदेह जताया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 19 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस और पंजीकरण निलंबित किए गए, जबकि सात प्रतिष्ठानों को सील किया गया है।
114 प्रतिष्ठानों पर FDA की छापेमारी
FDA की ओर से सोमवार को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 28 से 31 अक्टूबर के बीच राज्य के सात विभागों में यह विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 114 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अधिकारियों ने करीब 3 लाख 53 हजार किलो खाद्य पदार्थ जब्त किए, जिनकी कुल कीमत 9 करोड़ 1 लाख रुपये बताई गई है।
पतंजलि के घी के 20 लाख रुपये के स्टॉक पर कार्रवाई
इस अभियान में सबसे ज्यादा चर्चा छत्रपति संभाजीनगर में पतंजलि के गाय के घी पर हुई कार्रवाई की है। यहां पतंजलि आयुर्वेद के वितरक मेसर्स दिव्य महावितरक के प्रतिष्ठान पर FDA ने छापा मारा।जांच के दौरान अधिकारियों ने 2,279.7 लीटर गाय का घी जब्त किया। इसकी कीमत करीब 20 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है। अधिकारियों को घी पर गलत लेबल लगाए जाने और उसमें मिलावट होने का संदेह है।इस कार्रवाई में घी के कुल 4,032 यूनिट जब्त किए गए। प्रशासन के अनुसार, खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन पाए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, मिलावट का संदेह जांच का विषय है।
गंदगी में तैयार हो रहे थे खाद्य पदार्थ, 19 दुकानों पर कार्रवाई
त्योहारों में मिठाई, नमकीन और मसालों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थ तैयार करने वाली जगहों की साफ-सफाई भी बेहद जरूरी है। FDA की जांच में मुंबई, अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर विभागों के कुछ प्रतिष्ठानों में स्वच्छता संबंधी गंभीर खामियां सामने आईं।कहीं खाद्य पदार्थ अस्वच्छ वातावरण में तैयार किए जा रहे थे, तो कहीं उनके भंडारण में भी लापरवाही पाई गई। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर 19 दुकानों के लाइसेंस और पंजीकरण निलंबित कर दिए गए।
ठाणे और सातारा में तेल, चावल और दालों का बड़ा स्टॉक जब्त
FDA की कार्रवाई केवल घी तक सीमित नहीं रही। ठाणे जिले के भिवंडी में अव्हेन्यू सुपरमार्ट्स लिमिटेड के प्रतिष्ठान से 1,44,218 किलो खाद्य तेल जब्त किया गया।वहीं सातारा के अमीन ट्रेडर्स से 20,560 किलो चावल, दाल, गुड़ और अन्य खाद्य पदार्थों का स्टॉक जब्त किया गया। इसके अलावा सातारा की स्वाती ऑयल मिल्स और सोलापुर के एस.जी. ट्रेडर्स से भी खाद्य तेल का स्टॉक जब्त किया गया।
प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों पर भी कार्रवाई, 13 मामले दर्ज
चार दिनों तक चले इस अभियान में 17 प्रतिष्ठानों से 79 लाख 40 हजार रुपये कीमत के प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। इन मामलों में 13 अपराध दर्ज किए गए और 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा सात प्रतिष्ठानों को सील करने के साथ छह वाहन भी जब्त किए गए।
होटल और ढाबों को भी नोटिस
FDA ने नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर विभागों में 34 होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों की जांच की। निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर 29 प्रतिष्ठानों को सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
Tata 1mg, Amazon और Flipkart को भी नोटिस
इस कार्रवाई में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी FDA के निशाने पर आए। Tata 1mg के मरीन कोलेजन पाउडर की लेबलिंग और विज्ञापन में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए टाटा हेल्थकेयर सॉल्यूशंस, एसीएफओ फार्मास्युटिकल्स, Amazon और Flipkart को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।इन कंपनियों को अपना पक्ष रखने और आरोपों पर स्पष्टीकरण देने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है।
त्योहारों में खरीदारी करते समय सावधानी जरूरी
इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर कितनी निगरानी रखी जा रही है। त्योहारों की खुशियों के बीच मिलावट का खतरा आम लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकता है। ऐसे में खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी पैकिंग, लेबल, एक्सपायरी डेट और गुणवत्ता की जानकारी जरूर जांचें। क्योंकि त्योहार का असली आनंद तभी है, जब परिवार की थाली में स्वाद के साथ सेहत भी सुरक्षित रहे।


