समुद्र के बीच जब हथियारबंद लुटेरों ने एक मछली पकड़ने वाले जहाज को अपने कब्जे में ले लिया, तब उस पर सवार 20 लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई थी। लेकिन भारतीय नौसेना की मुस्तैदी और सूझबूझ ने इस मुश्किल हालात को सुरक्षित बचाव अभियान में बदल दिया। सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास भारतीय नौसेना ने समुद्री लुटेरों के कब्जे से ‘अजिनी’ (Azini) नामक मछली पकड़ने वाले जहाज को सफलतापूर्वक मुक्त करा लिया। इस अभियान में जहाज पर सवार सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे ऑपरेशन में किसी की जान नहीं गई और न ही कोई घायल हुआ।
भारतीय नौसेना के मुताबिक, यह जहाज पिछले महीने की शुरुआत में हथियारबंद समुद्री लुटेरों के एक समूह ने अगवा कर लिया था। आशंका जताई जा रही थी कि लुटेरे इस जहाज का इस्तेमाल ‘मदर शिप’ के रूप में कर सकते हैं। इसके जरिए क्षेत्र में आने-जाने वाले व्यापारिक जहाजों पर आगे भी हमले किए जा सकते थे। ऐसे में यह घटना केवल 20 लोगों की सुरक्षा तक सीमित नहीं थी, बल्कि समुद्री सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चुनौती बन गई थी।
48 घंटे से ज्यादा चला ऑपरेशन
भारतीय नौसेना ने इस चुनौती से निपटने के लिए लगातार 48 घंटे से अधिक समय तक अभियान चलाया। इस दौरान नौसेना और भारतीय वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय देखने को मिला। दोनों सेनाओं की संयुक्त रणनीति और त्वरित कार्रवाई से जहाज को समुद्री लुटेरों के कब्जे से मुक्त कराने में सफलता मिली।
इस पूरे अभियान ने एक बार फिर भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए तैयारियों, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में फैसले लेने की क्षमता और संयुक्त सैन्य समन्वय को प्रदर्शित किया। सबसे बड़ी बात यह रही कि अभियान का अंत सभी 20 लोगों की सुरक्षित रिहाई के साथ हुआ।


