नागपुर : उपराजधानी नागपुर एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रही है। महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन अधिवेशन 7 दिसंबर से शुरू होने वाला है। अधिवेशन की तारीख नजदीक आते ही शहर में तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। विधान भवन से लेकर रवि भवन और विधायक निवास तक जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के लिए प्रशासन जुट गया है। खास बात यह है कि तैयारियों के लिए अब करीब एक महीने का ही समय बचा है।
28 नवंबर से नागपुर में शुरू होगा सचिवालय
शीतकालीन अधिवेशन को लेकर विधानमंडल सचिवालय 28 नवंबर से नागपुर में अपना कामकाज शुरू कर देगा। इससे दो-तीन दिन पहले ही मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारी शहर पहुंचने लगेंगे। ऐसे में प्रशासन के सामने निर्धारित समय में सभी व्यवस्थाएं पूरी करने की जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन भी स्नातक चुनाव की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब अधिवेशन की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
25 नवंबर तक व्यवस्थाएं पूरी करने की तैयारी
अधिवेशन के लिए विधान भवन, हैदराबाद हाउस, रवि भवन और अन्य महत्वपूर्ण इमारतों में जरूरी काम किए जा रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि 24 और 25 नवंबर तक सभी प्रमुख कार्य पूरे कर संबंधित विभागों को इमारतें सौंप दी जाएं। रवि भवन, नाग भवन और विधायक निवास में रंग-रोगन, फर्नीचर की मरम्मत और रखरखाव जैसे काम होने हैं। अधिवेशन के दौरान बड़ी संख्या में मंत्री, विधायक, अधिकारी, कर्मचारी और अन्य लोग नागपुर में मौजूद रहेंगे। ऐसे में उनके रहने और कामकाज से जुड़ी व्यवस्थाओं को समय पर तैयार करना जरूरी है।
भुगतान का मुद्दा सुलझने के बाद काम में आई तेजी
अधिवेशन की तैयारियों में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की अहम भूमिका है। विभाग ने जरूरी कार्यों को तेजी से शुरू किया है। हालांकि, शुरुआत में ठेकेदारों के लंबित भुगतान का मुद्दा परेशानी बना हुआ था। पिछले शीतकालीन अधिवेशन में किए गए कामों के बिलों का भुगतान नहीं होने के कारण ठेकेदारों ने नए कामों का बहिष्कार करने पर विचार किया था। बाद में निधि उपलब्ध होने के बाद स्थिति में सुधार आया और ठेकेदारों ने निविदा प्रक्रिया में हिस्सा लेना शुरू कर दिया।
समय पर वर्क ऑर्डर जारी करना भी जरूरी
ठेकेदारों की मांग है कि निविदा प्रक्रिया पूरी होते ही वर्क ऑर्डर जारी किए जाएं, ताकि काम शुरू करने में देरी न हो। दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि अधिवेशन से जुड़ी सभी तैयारियां 25 नवंबर से पहले पूरी कर ली जाएंगी। अब देखना होगा कि प्रशासन तय समय सीमा में सभी व्यवस्थाएं पूरी कर पाता है या नहीं। क्योंकि 7 दिसंबर से शुरू होने वाला यह अधिवेशन केवल विधानमंडल की कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस दौरान नागपुर की व्यवस्थाओं, सुविधाओं और प्रशासनिक तैयारियों की भी परीक्षा होगी।


