पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘कोहिनूर ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज’ से जुड़े लोगों के चार ठिकानों पर छापेमारी की है। शुक्रवार सुबह हावड़ा, उत्तरपाड़ा, लेक टाउन और आसनसोल में एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई से कारोबारी जगत में हलचल मच गई है।
जानकारी के मुताबिक, ईडी की अलग-अलग टीमें सुबह ही चारों स्थानों पर पहुंच गई थीं। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में अधिकारियों ने संबंधित परिसरों को घेरकर तलाशी शुरू की। यह कार्रवाई कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट और उनके करीबी सहयोगियों के आवासों पर की जा रही है।
करोड़ों के कर्ज को लेकर जांच
मामले में आरोप है कि कोहिनूर ग्रुप ने बिजली परियोजना स्थापित करने के नाम पर बैंकों से करोड़ों रुपये का कर्ज लिया था। हालांकि, जिस परियोजना के लिए यह राशि मंजूर कराई गई थी, उसे जमीन पर उतारने के बजाय कथित तौर पर पैसे को कई फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया गया।
डिजिटल उपकरण और वित्तीय दस्तावेज जब्त
तलाशी के दौरान ईडी के अधिकारियों ने वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, हार्ड ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। जांच एजेंसी अब इन रिकॉर्ड्स के जरिए पैसों के लेन-देन और कथित वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। फिलहाल चारों स्थानों पर जांच जारी है। अब इस कार्रवाई में कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और कथित वित्तीय लेन-देन की कड़ियां कहां तक पहुंचती हैं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।


