नागपुर : महाराष्ट्र के समृद्धि महामार्ग पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमरावती जिले में जवला धोत्रा गांव के पास सोमवार तड़के एक ट्रक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया। ट्रक का अगला टायर फटने के बाद वाहन क्रॉस बैरियर से टकरा गया। टक्कर के दौरान डीजल टैंक फटने से ट्रक में आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में चालक की जलकर मौत हो गई, जबकि ट्रक में सवार एक अन्य व्यक्ति पुल के नीचे गिरने से जान गंवा बैठा। वहीं, समय रहते ट्रक से छलांग लगाने के कारण क्लीनर की जान बच गई।
टायर फटते ही बिगड़ा संतुलन, आग की चपेट में आया ट्रक
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रक क्रमांक RJ 11 GC 7383 नासिक से पत्तागोभी लेकर पटना जा रहा था। सोमवार सुबह करीब 5 बजे समृद्धि महामार्ग पर चैनल नंबर 127+300 के पास चालक की ओर का अगला टायर अचानक फट गया। इससे चालक का वाहन पर से नियंत्रण छूट गया और ट्रक क्रॉस बैरियर से टकराने के बाद कुछ दूरी तक घिसटता चला गया। टक्कर के कारण ट्रक की डीजल टंकी फट गई और वाहन में आग लग गई। आग इतनी गंभीर थी कि चालक को बचाया नहीं जा सका। हादसे में एक अन्य व्यक्ति ट्रक से बाहर उछलकर पुल के नीचे जा गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई।
चालक और दूसरे सवार की मौत, क्लीनर सुरक्षित
इस हादसे में ट्रक चालक इखलास खान शहाबुद्दीन खान (22), निवासी राणीअला खुर्द, जिला पलवल, हरियाणा की आग में झुलसने से मौत हो गई। वहीं, जाहुल खान अली खान (25), निवासी राणीअला खुर्द, हरियाणा की पुल के नीचे गिरने से जान चली गई। ट्रक में मौजूद क्लीनर साहिब सईद खान (18), निवासी राणीअला खुर्द, पलवल, हरियाणा ने खतरे को भांपते हुए समय रहते ट्रक से छलांग लगा दी। इससे उसकी जान बच गई और उसे कोई चोट नहीं आई। एक ही हादसे में दो लोगों की मौत ने एक बार फिर तेज रफ्तार महामार्ग पर सफर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस और अग्निशमन दल ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलते ही समृद्धि महामार्ग के नियंत्रण कक्ष ने तलेगांव दशासर पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। ट्रक में आग लगने के कारण अग्निशमन दल को भी बुलाया गया। पुलिस और अग्निशमन दल की टीम ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई की। दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए धामणगांव रेलवे के ग्रामीण अस्पताल ले जाए गए। क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को सड़क के किनारे हटाया गया, जिसके बाद महामार्ग पर यातायात फिर से सुचारु किया गया। मामले की आगे की जांच पुलिस कर रही है।
आंकड़े बढ़ा रहे हैं चिंता
समृद्धि महामार्ग ने नागपुर से मुंबई के बीच यात्रा का समय जरूर कम किया है, लेकिन यहां होने वाले हादसे सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
दिसंबर 2022 से 31 जनवरी 2026 तक: 493 हादसे और 446 लोगों की मौत।
जनवरी से अगस्त 2026 तक: 144 हादसे और 130 लोगों की मौत।
ये आंकड़े बताते हैं कि महामार्ग पर सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास किए जाने की जरूरत है।
लंबा सफर और थकान भी बन सकती है खतरे की वजह
समृद्धि महामार्ग पर होने वाले हादसों के संभावित कारणों में ‘हाईवे हिप्नोसिस’ यानी महामार्ग संमोहन का भी उल्लेख किया जाता है। लंबे समय तक एक ही दिशा में लगातार तेज गति से वाहन चलाने पर चालक की एकाग्रता कम हो सकती है और अचानक सामने आने वाली स्थिति पर प्रतिक्रिया देने में देरी हो सकती है।
खासकर रात और तड़के के समय लंबी दूरी तय करने वाले चालकों के लिए थकान गंभीर जोखिम बन सकती है। ऐसे में वाहन की नियमित जांच, पर्याप्त आराम और सुरक्षित गति का पालन बेहद जरूरी है। समृद्धि महामार्ग पर हुआ यह हादसा याद दिलाता है कि सफर में कुछ मिनट बचाने से ज्यादा जरूरी हर यात्री का सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचना है।


