अगर आप अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित जगह निवेश करना चाहते हैं और चाहते हैं कि उस पर तय दर से ब्याज मिले, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से जुड़ी यह खबर आपके काम की है। श्रीराम फाइनेंस ने चुनिंदा अवधि की एफडी पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। नए रेट 11 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। खास बात यह है कि कुछ एफडी पर अब 7.85% तक ब्याज मिल सकता है।
किन FD पर कितना मिलेगा ब्याज?
श्रीराम फाइनेंस ने 10 करोड़ रुपये से कम राशि वाली एफडी की चुनिंदा अवधि के लिए ब्याज दरें बढ़ाई हैं। नई दरों के अनुसार ब्याज इस प्रकार है:
– 12 महीने की FD: पहले 6.85%, अब 7.50%
– 15 महीने की डिजिटल FD: पहले 7.10%, अब 7.50%
– 18 से 23 महीने की FD: पहले 7.05%, अब 7.25%
– 24 से 35 महीने की FD: पहले 7.10%, अब 7.50%
– 36 से 60 महीने की FD: पहले 7.50%, अब 7.85%
ये दरें एफडी की अवधि और लागू शर्तों के अनुसार मिलेंगी। निवेश करने से पहले कंपनी की आधिकारिक ब्याज दर सूची जरूर जांच लें।
वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को क्या फायदा?
बढ़ी हुई ब्याज दरों के साथ कुछ निवेशकों को अतिरिक्त लाभ भी मिल सकता है। श्रीराम फाइनेंस की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दर से 0.50% अतिरिक्त ब्याज देने का प्रावधान है। वहीं, महिलाओं को 0.05% अतिरिक्त ब्याज मिल सकता है। इसके अलावा, एफडी की अवधि पूरी होने के बाद दोबारा निवेश करने वाले पात्र ग्राहकों को 0.15% अतिरिक्त ब्याज का लाभ भी मिल सकता है। हालांकि, ये अतिरिक्त लाभ संबंधित नियमों और शर्तों के अधीन होंगे।
FD में निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
एफडी में निवेश करने का एक बड़ा फायदा यह है कि इसमें निर्धारित शर्तों के अनुसार ब्याज दर पहले से तय रहती है। इसलिए कई लोग अपनी बचत के लिए इस विकल्प को पसंद करते हैं। लेकिन केवल ज्यादा ब्याज देखकर निवेश करना सही फैसला नहीं है। पैसे जमा करने से पहले एफडी की अवधि, समय से पहले पैसा निकालने पर लगने वाले शुल्क, ब्याज पर टैक्स और कंपनी की वित्तीय स्थिति की जानकारी जरूर लें।
एक जरूरी बात : श्रीराम फाइनेंस एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) है, बैंक नहीं। इसलिए इसकी एफडी को बैंक जमा की तरह DICGC के जमा बीमा का संरक्षण प्राप्त है, ऐसा न मानें। निवेश से पहले जोखिम और नियमों को अच्छी तरह समझना जरूरी है।कुल मिलाकर, 7.85% तक ब्याज की पेशकश उन लोगों का ध्यान खींच सकती है जो अपनी बचत पर बेहतर रिटर्न चाहते हैं। लेकिन निवेश का फैसला अपनी जरूरत, पैसों की उपलब्धता और जोखिम को ध्यान में रखकर ही करें।


