भारतीय क्रिकेट टीम में तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी ने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान खींचा है। करीब चार साल बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली है। आखिर इतने लंबे समय बाद चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा क्यों जताया? अब इस सवाल का जवाब सामने आया है। भारतीय टीम के सहायक बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने उनके चयन के पीछे की वजह बताई है।
युवा गेंदबाजों के बीच अनुभव की जरूरत
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम में भुवनेश्वर कुमार को शामिल किया गया है। सितांशु कोटक के मुताबिक, टीम के गेंदबाजी विभाग में अनुभवी खिलाड़ियों की जरूरत महसूस हो रही थी। जसप्रीत बुमराह के सीमित मैच खेलने के कारण कई बार युवा गेंदबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी आ जाती है। ऐसे में सिर्फ युवा गेंदबाजों के भरोसे रहना जोखिम भरा हो सकता है।
कोटक ने कहा कि युवा गेंदबाज प्रतिभाशाली हैं और अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे हैं, लेकिन कुछ परिस्थितियों में अनुभव काफी मायने रखता है। दबाव के समय अनुभवी गेंदबाज का साथ टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। भुवनेश्वर कुमार का चयन इसी जरूरत को ध्यान में रखकर किया गया है।
IPL के प्रदर्शन ने भी मजबूत किया दावा
भुवनेश्वर की वापसी के पीछे उनका हालिया प्रदर्शन भी अहम माना जा रहा है। उन्होंने पिछले दो IPL सीजन में 45 विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी की क्षमता साबित की है। यह प्रदर्शन दिखाता है कि वह अब भी गेंद से प्रभाव डालने की क्षमता रखते हैं। भुवनेश्वर ने साल 2022 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था। इसके बाद अब भारतीय टीम में उनकी वापसी हुई है। उनके अनुभव और IPL में प्रदर्शन को देखते हुए टीम को उनसे काफी उम्मीदें होंगी।
न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम
न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय टीम पांच टी-20, पांच वनडे और दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। टी-20 सीरीज के लिए घोषित टीम में श्रेयस अय्यर को कप्तान और तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है। टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव सहित अन्य खिलाड़ियों को भी जगह दी गई है। भुवनेश्वर कुमार की वापसी अब यह देखने का मौका होगी कि उनका अनुभव और गेंदबाजी टीम के लिए कितना उपयोगी साबित होता है। युवा खिलाड़ियों के साथ उनका तालमेल भारतीय गेंदबाजी को मजबूती दे सकता है।


