कोल्हापुर : माधुरी हाथिनी को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। नांदणी मठ की माधुरी हाथिनी को दोबारा गुजरात के जामनगर स्थित ‘वनतारा’ में भेजने की मांग करने वाली PETA India की याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। साथ ही संस्था पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने निर्देश दिया कि जुर्माने की यह राशि माधुरी के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाए।
माधुरी की देखभाल और उसके रहने की व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। PETA India ने दावा किया था कि नांदणी मठ में वापस लाए जाने के बाद माधुरी को फिर से जंजीरों से बांधकर अकेले रखा जा रहा है। संस्था ने सुप्रीम कोर्ट से मामले में हस्तक्षेप करने और माधुरी को दोबारा वनतारा भेजने की मांग की थी।
इस मामले की सुनवाई के दौरान वनतारा, महाराष्ट्र सरकार और नांदणी मठ की ओर से दलीलें पेश की गईं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति पारदीवाला और न्यायमूर्ति विनोद चंद्रन की पीठ ने PETA की याचिका खारिज कर दी। साथ ही जुर्माने की राशि माधुरी के उपचार पर खर्च करने का निर्देश दिया। नांदणी मठ के वकील मनोज पाटील ने फैसले की जानकारी दी। अदालत के इस निर्णय से माधुरी के नांदणी मठ में ही रहने का रास्ता साफ हो गया है।
फैसले के बाद नांदणी गांव में खुशी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जानकारी मिलते ही नांदणी गांव में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आतिशबाजी कर निर्णय का स्वागत किया। माधुरी को लेकर लंबे समय से चल रही इस कानूनी खींचतान के बीच अदालत का फैसला गांव के लोगों के लिए राहत की खबर बनकर आया। इस मामले में जुर्माने की राशि को माधुरी के इलाज के लिए इस्तेमाल करने का निर्देश भी महत्वपूर्ण है। अब माधुरी की देखभाल और उपचार पर यह रकम खर्च की जाएगी।


