रेलवे में बिना टिकट सफर करने वालों पर मध्य रेल ने शिकंजा कस दिया है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच चलाए गए सघन टिकट जांच अभियानों में 20.47 लाख यात्रियों को बिना टिकट, अनुचित या अमान्य यात्रा प्राधिकार के साथ सफर करते हुए पकड़ा गया। इनसे कुल 159.34 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह आंकड़ा बताता है कि रेलवे अब टिकट जांच को लेकर कितनी सख्ती बरत रहा है।
पिछले साल के मुकाबले बढ़ी वसूली
मध्य रेल के अनुसार, पिछले साल अप्रैल से सितंबर के दौरान 20.05 लाख मामले दर्ज किए गए थे और 116.46 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया था। इस साल जुर्माना वसूली में 37 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। औसतन प्रतिदिन 11,184 यात्रियों पर कार्रवाई की गई और 87 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
मुंबई मंडल सबसे आगे, नागपुर में भी कार्रवाई
जुर्माना वसूली के मामले में मुंबई मंडल सबसे आगे रहा। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच मंडलवार कार्रवाई के आंकड़े इस प्रकार हैं:
– मुंबई मंडल : 10.11 लाख मामले, 66.92 करोड़ रुपये जुर्माना
– भुसावल मंडल : 3.77 लाख मामले, 38.90 करोड़ रुपये जुर्माना
– पुणे मंडल : 2.13 लाख मामले, 18.68 करोड़ रुपये जुर्माना
– नागपुर मंडल : 2.36 लाख मामले, 17.93 करोड़ रुपये जुर्माना
– सोलापुर मंडल : 1.10 लाख मामले, 7.27 करोड़ रुपये जुर्माना
– मुख्यालय : 0.99 लाख मामले, 9.63 करोड़ रुपये जुर्माना
नागपुर मंडल में भी इस अवधि के दौरान 2.36 लाख मामले सामने आए और 17.93 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
सितंबर में भी जारी रही सख्ती
सितंबर 2026 में मध्य रेल की टीमों ने 2.44 लाख यात्रियों को बिना टिकट या वैध यात्रा प्राधिकार के बिना सफर करते हुए पकड़ा। इस दौरान 18.53 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। रेलवे ने टिकट जांच के लिए स्टेशन जांच, एम्बुश चेक, फोर्ट्रेस चेक और मेगा टिकट जांच जैसे अभियान चलाए। मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर और विशेष ट्रेनों के साथ मुंबई तथा पुणे मंडलों की उपनगरीय ट्रेनों में भी जांच की गई।
यात्रियों के लिए जरूरी संदेश
ट्रेन में सफर करते समय टिकट लेना केवल नियम का पालन करना ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार यात्रा का हिस्सा भी है। बिना टिकट यात्रा करने पर जुर्माने के साथ असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। मध्य रेल के अनुसार, बिना टिकट यात्रा के लिए न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये किया गया है।
रेलवे का कहना है कि टिकट से होने वाली आय का उपयोग यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए किया जाता है। ऐसे में यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले उचित और वैध टिकट जरूर लें। जिम्मेदारी से यात्रा करें, सम्मान के साथ यात्रा करें। मध्य रेल ने स्पष्ट किया है कि बिना टिकट यात्रा के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


