नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ महंगाई को लेकर भी चिंता जताई है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद देश की आर्थिक स्थिति पर जानकारी दी। एक तरफ आर्थिक विकास को लेकर तस्वीर मजबूत नजर आ रही है, वहीं दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई आम परिवार के बजट पर दबाव डाल सकती है। RBI ने वित्त वर्ष 2027 के लिए देश की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है। यानी अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर राहत की खबर है। लेकिन महंगाई के मोर्चे पर आने वाले महीने थोड़ी चिंता बढ़ा सकते हैं।
महंगाई कितनी बढ़ सकती है?
RBI के अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2027 में CPI महंगाई दर 5.2 प्रतिशत रह सकती है। दूसरी तिमाही में यह 4.9 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 6 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.7 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो गई, जबकि जुलाई में यह 4.5 प्रतिशत थी। ऐसे में आने वाले त्योहारों के दौरान रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर नजर रखना आम लोगों के लिए जरूरी होगा।
चीनी और प्याज ने बढ़ाई चिंता
RBI गवर्नर के मुताबिक अगस्त में महंगाई बढ़ने के पीछे कई कारण रहे। इनमें प्रतिकूल बेस इफेक्ट के साथ चीनी और प्याज जैसी कुछ जरूरी चीजों की बढ़ी कीमतें शामिल हैं। इसके अलावा खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने भी महंगाई का दबाव बढ़ाया। इसका सीधा असर आम आदमी की रसोई के बजट पर दिखाई दे सकता है। खासकर त्योहारों के मौसम में जब घर का खर्च पहले ही बढ़ जाता है, ऐसे में खाद्य वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है।
GDP से राहत, महंगाई से चिंता
RBI के ताजा अनुमान में भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। लेकिन महंगाई के बढ़ते अनुमान ने राहत के साथ चिंता भी जोड़ दी है। आने वाले महीनों में कीमतों का रुख कैसा रहता है, इसका असर सीधे आम परिवार के मासिक बजट पर पड़ सकता है।


