एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तिरंदाजों ने एक बार फिर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। आर्चरी के कंपाउंड इवेंट में भारत ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड की हैट्रिक पूरी कर ली है। पुरुष कंपाउंड टीम ने रोमांचक मुकाबले में चीन को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस टीम में महाराष्ट्र के सातारा के साहिल राजेश जाधव के साथ तिरुमुरु गणेश मणिरत्नम और कुशल दलाल शामिल थे। चीन के खिलाफ मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया और टीम को स्वर्ण पदक दिलाया।
सातारा के साहिल का शानदार प्रदर्शन
साहिल जाधव के लिए यह एशियन गेम्स बेहद खास बन गया है। इससे पहले उन्होंने चिकिता तनीपर्थी के साथ मिक्स्ड कंपाउंड इवेंट में दक्षिण कोरिया को हराकर गोल्ड जीता था। अब पुरुष कंपाउंड टीम के साथ भी स्वर्ण पदक जीतकर साहिल ने अपना दूसरा गोल्ड अपने नाम कर लिया है। यानी भारत की आर्चरी में हुई गोल्डन हैट्रिक में सातारा के इस युवा तिरंदाज का अहम योगदान रहा। एक के बाद एक शानदार प्रदर्शन करते हुए साहिल ने अपने खेल से देश के साथ-साथ महाराष्ट्र का भी नाम रोशन किया है।
भारत के खाते में अब 10 गोल्ड
आर्चरी में मिली इन लगातार सफलताओं का असर भारत की पदक तालिका पर भी दिखाई दे रहा है। भारत ने स्वर्ण पदकों की संख्या में दोहरे अंक को छू लिया है। भारत के खाते में अब 10 स्वर्ण, 21 रजत और 28 कांस्य पदक, यानी कुल 59 पदक हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। आर्चरी में गोल्ड की हैट्रिक और साहिल जाधव के दो स्वर्ण पदक ने भारत के अभियान को और खास बना दिया है। सातारा से निकले साहिल की यह कामयाबी उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है, जो बड़े मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते हैं।


