नई दिल्ली : बुधवार को Google Trends पर अचानक ‘गैस’ शब्द सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले विषयों में शामिल हो गया। खास बात यह थी कि LPG की आधिकारिक कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था और न ही सरकार की ओर से कोई नया नियम लागू किया गया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग यह जानने में जुट गए कि आखिर गैस को लेकर अचानक इतनी चर्चा क्यों हो रही है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट और मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कई जगहों पर 19 किलो का कमर्शियल LPG सिलेंडर सामान्य कीमत से करीब 400 से 600 रुपये तक कम में मिल रहा है। यह जानकारी सामने आते ही लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई और इंटरनेट पर ‘गैस’ की सर्च अचानक बढ़ गई।
कीमत कम होने की असली वजह क्या है?
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि यह किसी आधिकारिक कीमत कटौती की वजह से नहीं है। कुछ गैस एजेंसियों पर कमर्शियल सिलेंडरों का स्टॉक समय पर नहीं बिक पाने की स्थिति बन जाती है। खासकर उन इलाकों में जहां कमर्शियल गैस ग्राहकों की संख्या कम होती है, वहां 19 किलो के सिलेंडर लंबे समय तक एजेंसी के गोदाम में पड़े रह सकते हैं।
एक गैस एजेंसी संचालक के मुताबिक, कंपनी की ओर से जब सिलेंडरों की गाड़ी एजेंसी पर पहुंचती है, तो घरेलू सिलेंडरों के साथ कुछ कमर्शियल सिलेंडर भी आते हैं। लेकिन अगर इनकी बिक्री नहीं होती, तो स्टॉक बढ़ता जाता है और एजेंसी के सामने दूसरी परेशानी खड़ी हो जाती है।
खाली सिलेंडरों का भी है पूरा गणित
गैस एजेंसी के लिए सिर्फ भरे हुए सिलेंडर बेचना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि खाली सिलेंडरों का हिसाब भी रखना पड़ता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी गाड़ी से 100 घरेलू और 15 कमर्शियल सिलेंडर एजेंसी पर आए हैं, तो बिक्री के बाद 15 खाली कमर्शियल सिलेंडर कंपनी को वापस भेजने होते हैं। अगर कमर्शियल सिलेंडर बिके ही नहीं, तो खाली सिलेंडर वापस करने का पूरा चक्र प्रभावित हो सकता है। ऐसे में एजेंसी संचालकों के लिए स्टॉक को जल्द निकालना जरूरी हो जाता है।
ज्यादा मार्जिन की वजह से मिल जाती है छूट
कमर्शियल सिलेंडर पर एजेंसी का मार्जिन घरेलू सिलेंडर की तुलना में ज्यादा होने की बात भी सामने आई है। दी गई जानकारी के मुताबिक, एक सिलेंडर पर करीब 100 से 120 रुपये या उससे अधिक का मार्जिन हो सकता है। ऐसे में कुछ एजेंसी संचालक स्टॉक को लंबे समय तक रोकने के बजाय कम मार्जिन पर सिलेंडर बेचने का रास्ता अपनाते हैं। यानी सोशल मीडिया पर जिस 400 से 600 रुपये की छूट की चर्चा हो रही है, वह देशभर में लागू LPG की नई कीमत नहीं है। यह कुछ इलाकों में एजेंसियों की ओर से स्टॉक क्लियर करने के लिए दी जाने वाली स्थानीय छूट से जुड़ा मामला बताया जा रहा है।
इसलिए अगर कहीं कमर्शियल LPG सिलेंडर कम कीमत में मिलने की बात सामने आ रही है, तो इसे LPG की आधिकारिक कीमत में कटौती समझना सही नहीं होगा। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा ने देखते ही देखते लोगों को ‘गैस’ शब्द सर्च करने पर मजबूर कर दिया।


