Asian Games 2026: पहले कमरे के लिए घंटों इंतजार, फिर गलत होटल में थमा दी गई चाबी; भारतीय निशानेबाजी दल को लगातार व्यवस्थागत परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जापान में चल रहे एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों को मैदान में उतरने से पहले ही व्यवस्थाओं की परेशानी से जूझना पड़ा। भारतीय निशानेबाजी दल के लिए पहले से होटल के कमरे बुक होने के बावजूद उन्हें वहां पहुंचने पर अलग ही स्थिति का सामना करना पड़ा। महाराष्ट्र की निशानेबाज राही सरनोबत भी इस गड़बड़ी से प्रभावित हुईं।
भारतीय निशानेबाजी दल के जापान के नागोया पहुंचने के बाद उन्हें तय होटल में कमरों को लेकर परेशानी हुई। जानकारी के मुताबिक, भारतीय दल के लिए आयोजकों की ओर से 40 कमरे आरक्षित किए गए थे। लेकिन जब निशानेबाज ग्रैंड टियारा होटल पहुंचे, तो वहां सिर्फ 7 कमरे उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। बाकी 33 कमरे टोकियो इन नाम के दूसरे होटल में दिए गए।
राही के कमरे को लेकर भी हुआ गड़बड़झाला
राही सरनोबत समेत निशानेबाजी दल के छह सदस्य बाद में जापान पहुंचे। राही के कमरे की चाबी लेने जब एक कोच ग्रैंड टियारा होटल पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि संबंधित कमरा उपलब्ध नहीं है और उसे डोप नियंत्रण के लिए आवंटित किया गया है। खास बात यह रही कि भारतीय ओलंपिक संघ की ओर से कमरे की बुकिंग की गई थी और आयोजकों के रिकॉर्ड में भी आरक्षण दर्ज था।
इसके बाद राही की परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। शुक्रवार को नागोया पहुंचने के बाद वह टोकियो इन होटल पहुंचीं। लेकिन शहर में इसी नाम के कई होटल होने के कारण वह गलत होटल पहुंच गईं। वहां उन्हें यह बताने के बजाय कि होटल गलत है, एक कमरे की चाबी दे दी गई। यानी राही को गलत होटल में कमरा मिल गया, जबकि सही होटल में उनके लिए आरक्षित कमरा उपलब्ध नहीं था।
घंटों तक फंसा रहा भारतीय दल
इससे पहले बुधवार को जापान पहुंचा 35 सदस्यीय भारतीय निशानेबाजी दल भी व्यवस्थाओं को लेकर परेशान रहा था। खिलाड़ियों को होटल में चेक-इन से पहले घंटों इंतजार करना पड़ा। इसके बाद रात करीब पौने 12 बजे से तड़के 3 बजे तक दल के सदस्य परिवहन की सुविधा के बिना केंद्र पर ही फंसे रहे।
इन तमाम परेशानियों के बीच भारतीय निशानेबाज अब प्रतियोगिता में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। राही सरनोबत समेत भारतीय दल से पदक की उम्मीदें हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को मैदान के बाहर की इन व्यवस्थागत परेशानियों से गुजरना पड़ा, यह अपने आप में उनके लिए एक अतिरिक्त चुनौती बन गया है।


