नई दिल्ली : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर बाजार में हलचल तेज है। NSE के IPO को सेबी की मंजूरी मिलने के बाद जहां निवेशकों की उम्मीदें बढ़ी थीं, वहीं अब इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में अचानक गिरावट देखने को मिली है। इसका सीधा असर New India Assurance (NIACL) और IFCI के शेयरों पर भी नजर आया।
GMP ₹285 से गिरकर ₹223 पर पहुंचा
8 सितंबर को NSE के अनलिस्टेड शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹285 से घटकर ₹223 रह गया। यानी कुछ ही समय में GMP में करीब ₹62 की गिरावट आई है। अगर NSE IPO में शेयर की कीमत करीब ₹1,800 रहती है और ₹223 का GMP बरकरार रहता है, तो ग्रे मार्केट में इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹2,023 हो सकती है। इस हिसाब से संभावित लिस्टिंग गेन करीब 12.3 फीसदी बैठता है। हालांकि, GMP केवल बाजार की धारणा का संकेत देता है। इससे IPO की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं होती।
NSE IPO का असर इन शेयरों पर क्यों?
NSE के IPO की खबर का फायदा पिछले कुछ समय में NIACL और IFCI के शेयरों को भी मिला था। इसकी बड़ी वजह इन कंपनियों का NSE से जुड़ा होना है। New India Assurance की NSE में करीब 1.42 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं IFCI की SHCIL में करीब 52 फीसदी हिस्सेदारी है और SHCIL की NSE में लगभग 4.4 फीसदी हिस्सेदारी बताई गई है। इसी उम्मीद में NIACL और IFCI के शेयरों में पिछले कुछ हफ्तों में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। NIACL का शेयर एक महीने में करीब 16 फीसदी, जबकि छह महीने में करीब 54 फीसदी चढ़ा। दूसरी ओर IFCI ने एक महीने में करीब 23 फीसदी और छह महीने में लगभग 79 फीसदी की तेजी दर्ज की।
8 सितंबर को शेयरों में तेज गिरावट
लेकिन मंगलवार को तस्वीर बदल गई। बाजार खुलते ही दोनों शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। एक समय NIACL और IFCI के शेयरों में 12 फीसदी तक की गिरावट आ गई थी। दोपहर करीब 1:30 बजे तक NIACL का शेयर लगभग 10.63 फीसदी गिरकर ₹206.70 पर कारोबार कर रहा था। वहीं IFCI का शेयर करीब 9.08 फीसदी टूटकर ₹93.20 पर आ गया था। यानी जिस NSE IPO की उम्मीद ने इन शेयरों में तेजी का माहौल बनाया था, अब उसी IPO को लेकर GMP में आई कमजोरी ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है।
NSE IPO की तारीख पर अभी सस्पेंस
NSE को IPO के लिए सेबी की मंजूरी मिल चुकी है और बाजार में उम्मीद है कि IPO इसी महीने आ सकता है। हालांकि, NSE की ओर से अभी तक IPO खुलने की तारीख, प्राइस बैंड और लिस्टिंग डेट को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। NSE के IPO का निवेशकों को लंबे समय से इंतजार है। ऐसे में IPO आते ही बाजार में इसे लेकर काफी उत्साह देखने को मिल सकता है। लेकिन निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि GMP में उतार-चढ़ाव को अंतिम लिस्टिंग प्राइस का पक्का संकेत नहीं माना जा सकता।


