नई दिल्ली/गुजरात : राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को लेकर इस साल एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। दशकों से दिल्ली में आयोजित होने वाला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह इस बार राजधानी से बाहर आयोजित किया जा रहा है। 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह 22 सितंबर को गुजरात के एकता नगर में होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने हाथों से पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करेंगी।
गुजरात का एकता नगर, जिसे पहले केवडिया के नाम से जाना जाता था, इस बार देश के प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कारों का गवाह बनेगा। यहां दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी मौजूद है। सरदार वल्लभभाई पटेल की 597 फीट ऊंची प्रतिमा का उद्घाटन 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
दिल्ली से बाहर क्यों खास है यह समारोह?
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह की शुरुआत 1954 में हुई थी। इसके बाद दिल्ली का विज्ञान भवन लंबे समय तक इस प्रतिष्ठित समारोह का प्रमुख आयोजन स्थल रहा। कई दशकों तक फिल्म जगत के दिग्गज कलाकारों और तकनीशियनों को यहीं राष्ट्रीय सम्मान मिलता रहा। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह दिल्ली से बाहर आयोजित हो रहा है। 1971 में 17वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह चेन्नई में आयोजित किया गया था। इसके बाद अब एक बार फिर राजधानी से बाहर इस समारोह का आयोजन होने जा रहा है।
किसे मिला कौन-सा राष्ट्रीय पुरस्कार?
जुलाई में घोषित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में कई बड़े नामों को सम्मानित किया गया है। ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला है। इसी फिल्म में शानदार अभिनय के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना गया है। वहीं, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दो कलाकारों के बीच साझा किया गया है। ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ और कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए यह सम्मान दिया गया है।
अभिनेता और निर्देशक रणदीप हुड्डा को ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार दिया जाएगा। यह फिल्म विनायक दामोदर सावरकर के जीवन पर आधारित है। मराठी सिनेमा के लिए भी यह साल खास है। ‘मुक्काम पोस्ट बोंबिलवाडी’ को सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा तेलुगु साइंस-फिक्शन फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ को सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय मनोरंजन प्रदान करने वाली फिल्म का पुरस्कार मिला है। वहीं धनुष अभिनीत तमिल फिल्म ‘कैप्टन मिलर’ को राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फिल्म का सम्मान दिया गया है।
गुजरात में पहली बार बड़े मंच पर राष्ट्रीय फिल्म सम्मान
इस बार समारोह का दिल्ली से बाहर जाना सिर्फ आयोजन स्थल बदलने तक सीमित नहीं है। यह भारतीय सिनेमा के राष्ट्रीय सम्मान को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की दिशा में भी एक खास कदम माना जा रहा है। 22 सितंबर को जब एकता नगर में देशभर के फिल्म कलाकार और तकनीशियन एक मंच पर जुटेंगे, तो यह समारोह निश्चित रूप से यादगार बनने वाला है।


