वॉशिंगटन : 11 सितंबर 2001 को अमेरिका को दहला देने वाले 9/11 आतंकी हमले से जुड़ा एक पुराना मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस हमले के संदिग्ध सऊदी नागरिक उमर अल-बायूमी के कुछ ऐसे पुराने वीडियो सामने आए हैं, जो अब तक सार्वजनिक नहीं हुए थे। इन वीडियो में उसे अल कायदा से जुड़े रहे अनवर अल-अवलाकी के साथ देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल फिर उठने लगा है कि अगर जांच एजेंसियों के पास ऐसे सबूत मौजूद थे, तो FBI ने इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की?
इन वीडियो को BBC Panorama और Radio 4 ने हासिल किया है। बताया जा रहा है कि 9/11 हमले के बाद जांच के दौरान ब्रिटिश पुलिस ने इन वीडियो समेत बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की थी। हालांकि, इनका बड़ा हिस्सा लंबे समय तक सार्वजनिक नहीं हुआ।
पेंटबॉल ट्रेनिंग में नजर आया बायूमी
1997-98 के बताए जा रहे एक वीडियो में उमर अल-बायूमी को अनवर अल-अवलाकी के साथ देखा गया है। दोनों के एक-दूसरे से गले मिलने के दृश्य भी सामने आए हैं। वीडियो में कुछ लोग सैन्य शैली के कपड़े पहने हुए नजर आते हैं और पेंटबॉल के जरिए शहरी लड़ाई तथा गोलीबारी जैसी गतिविधियों का अभ्यास करते दिखाई देते हैं।
जांच के दौरान FBI अधिकारियों को बताया गया था कि कुछ लोग पेंटबॉल का इस्तेमाल जिहादी प्रशिक्षण के लिए कर रहे थे। अनवर अल-अवलाकी के अल कायदा के सदस्यों से संबंध होने की बात भी सामने आई थी। साल 2011 में अमेरिकी ड्रोन हमले में अल-अवलाकी मारा गया था।
कोर्ट में किए दावे पर भी सवाल
इस मामले में जनवरी 1998 का एक अन्य वीडियो भी बेहद अहम माना जा रहा है। इसमें भी बायूमी और अल-अवलाकी साथ दिखाई देते हैं। 9/11 हमले में मारे गए लोगों के परिवारों की ओर से दायर मुकदमे में बायूमी ने कथित तौर पर दावा किया था कि उसने अल-अवलाकी से कभी मुलाकात नहीं की। लेकिन सामने आए वीडियो इस दावे पर सवाल खड़े करते हैं और दोनों के बीच पहले से संपर्क होने की ओर इशारा करते हैं।
ब्रिटिश पुलिस ने जब्त किए थे करीब 80 वीडियो
21 सितंबर 2001 को ब्रिटिश पुलिस ने बायूमी को बर्मिंघम से गिरफ्तार किया था। उसके पास से हजारों दस्तावेज, तस्वीरें और करीब 80 वीडियो जब्त किए गए थे। जप्त सामग्री में एक विमान का हाथ से बनाया गया स्केच भी शामिल था। इसके साथ ऊंचाई और दूरी से जुड़े कुछ हिसाब भी लिखे हुए थे। 9/11 हमले के कुछ ही दिनों बाद FBI को इस स्केच की एक कॉपी मिल गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, एक संघीय न्यायाधीश ने भी इस दस्तावेज को महत्वपूर्ण माना था और कहा था कि यह बायूमी को 9/11 हमले की कथित पूर्व योजना से जोड़ने वाला सबूत हो सकता है।
FBI की जांच पर फिर उठे सवाल
FBI के सैन डिएगो कार्यालय ने बायूमी के कथित सऊदी कनेक्शन की जांच करने की कोशिश की थी। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार यह जांच आंतरिक स्तर पर रोक दी गई थी। बाद में प्रत्यर्पण के लिए पर्याप्त सबूत नहीं होने का हवाला देते हुए 28 सितंबर 2001 को बायूमी को रिहा कर दिया गया। अब इतने साल बाद पुराने वीडियो सामने आने से FBI की उस समय की जांच को लेकर सवाल फिर तेज हो गए हैं। आखिर जांच एजेंसियों के पास मौजूद इन दस्तावेजों और वीडियो की कितनी गहराई से जांच हुई थी? क्या कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां उस समय सामने नहीं लाई गईं? इन सवालों ने 9/11 मामले से जुड़े पुराने विवाद को फिर चर्चा में ला दिया है।
यह मामला 9/11 पीड़ितों के परिवारों की ओर से सऊदी अरब के खिलाफ दायर मुकदमे से भी जुड़ा है। इस मुकदमे में सऊदी सरकार पर हमले में कथित भूमिका होने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति के संपर्क या वीडियो में साथ दिखाई देने भर से 9/11 हमले में उसकी प्रत्यक्ष भूमिका या किसी सरकार की संलिप्तता साबित नहीं होती। इसके लिए आधिकारिक जांच और न्यायिक निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं।करीब ढाई दशक बाद सामने आए इन वीडियो ने 9/11 हमले की जांच से जुड़े कई पुराने सवालों को एक बार फिर लोगों के सामने ला दिया है।


