तुकाराम मुंढे की FDA की बड़ी कार्रवाई, 11 करोड़ की अवैध दवाएं जब्त; 21 गिरफ्तार

तीन महीने में 2,900 से ज्यादा ठिकानों की जांच, 203 लाइसेंस रद्द

मुंबई : मेडिकल स्टोर से दवा खरीदते समय हम अक्सर सिर्फ दवा का नाम और कीमत देखते हैं। लेकिन अगर वही दवा नकली, घटिया या गलत तरीके से रखी गई हो, तो यह सीधे हमारी सेहत के लिए खतरा बन सकती है। इसी को लेकर महाराष्ट्र के अन्न व औषध प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में बड़ी कार्रवाई की है। FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में जून से अगस्त 2026 के बीच राज्यभर में दवा निर्माता कंपनियों और मेडिकल स्टोरों की जांच की गई। इस दौरान 607 उत्पादन आस्थापनाओं और 2,295 बिक्री आस्थापनाओं, यानी कुल 2,900 से ज्यादा ठिकानों की जांच हुई।

11.41 करोड़ रुपये का अवैध दवा और कॉस्मेटिक्स स्टॉक जब्त

FDA की इस मुहिम के दौरान 104 सर्च एंड सीजर कार्रवाई की गईं। इनमें एक्सपायर्ड दवाओं की बिक्री, संवेदनशील वैक्सीन को उचित तापमान और फ्रिज के बिना रखना, साथ ही रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसे मामले सामने आए। कार्रवाई के दौरान करीब 11.41 करोड़ रुपये की अवैध दवाएं और सौंदर्य प्रसाधन जब्त किए गए। गंभीर नियम उल्लंघन के मामलों में 20 FIR दर्ज की गईं और 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

203 लाइसेंस रद्द, 880 लाइसेंसधारकों पर कार्रवाई

जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 880 लाइसेंसधारकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें से 203 आस्थापनाओं के लाइसेंस रद्द कर दिए गए। FDA की इस कार्रवाई से दवा कारोबार में नियमों की अनदेखी करने वालों में हड़कंप मचा है।

कंपनियों में भी सामने आईं गंभीर गड़बड़ियां

FDA की जांच सिर्फ मेडिकल स्टोरों तक सीमित नहीं रही। दवा और कॉस्मेटिक्स बनाने वाली कंपनियों में भी कई गंभीर खामियां मिलीं।कुछ कंपनियों में सक्षम तकनीकी कर्मचारियों के बजाय बिना मंजूरी वाले कर्मचारियों से बैच मैन्युफैक्चरिंग रिकॉर्ड (BMR) तैयार करवाए जा रहे थे। वहीं, क्वालिटी कंट्रोल विभाग में पर्याप्त तकनीकी कर्मचारी नहीं होने के बावजूद दवाओं की जांच की जा रही थी। इसके अलावा वास्तविक उत्पादन में मौजूद माल और कागजों में दर्ज वजन के बीच भी बड़ा अंतर पाया गया। कुछ जगहों पर लाइसेंस में मंजूर नहीं किए गए और निकृष्ट गुणवत्ता (NSQ) वाले उत्पादों का निर्माण किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

FDA का साफ संदेश

FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और नियमों के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दवा के उत्पादन से लेकर मेडिकल स्टोर तक पहुंचने और उसकी बिक्री होने तक हर स्तर पर निगरानी और जांच को और प्रभावी बनाया जा रहा है। नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों को सहयोग दिया जाएगा, लेकिन नियमों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम लोगों के लिए यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दवा ऐसी चीज है जिसमें छोटी-सी लापरवाही भी किसी की सेहत पर भारी पड़ सकती है।

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