नई दिल्ली : दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में सोमवार को एक पुरानी हॉस्टल इमारत अचानक ढहने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक 6 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।
तल मंजिल पर चल रहा था निर्माण कार्य
जानकारी के मुताबिक, यह हॉस्टल दिल्ली के नानकपुरा गुरुद्वारे के पास स्थित था। हादसे के समय इमारत की निचली मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि निर्माण कार्य के कारण इमारत की संरचना कमजोर हुई होगी। हालांकि, हादसे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका
इमारत गिरने के बाद मौके पर राहत और बचाव दल पहुंचा और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मलबे को हटाकर लोगों को बाहर निकालने का काम लगातार जारी है। प्रशासन को आशंका है कि अभी भी कुछ लोग मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। ऐसे में बचाव दल बेहद सावधानी से सर्च ऑपरेशन चला रहा है।
बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR
हादसे के मामले में पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम समेत अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। दक्षिण कैंपस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन की ओर से हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
CM रेखा गुप्ता ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों से घायलों की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही सभी घायलों को तत्काल और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
हादसे के बाद इलाके में दहशत
बारिश के बीच हुए इस हादसे ने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। कुछ ही पल में पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई और वहां रहने वाले लोगों की जिंदगी अचानक संकट में आ गई। फिलहाल सभी की नजरें राहत एवं बचाव अभियान पर टिकी हैं। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।


