मुंबई/पुणे : मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। इसी बीच महाराष्ट्र सरकार ने मराठा, कुणबी और SEBC वर्ग के विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए चार महत्वपूर्ण शासन निर्णय (GR) जारी किए हैं। सरकार के इन फैसलों से विद्यार्थियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति, हॉस्टल भत्ता और रोजगार के क्षेत्र में राहत मिलने की उम्मीद है।
मराठा समाज की विभिन्न मांगों को लेकर मनोज जरांगे के नेतृत्व में आंदोलन चल रहा है। आंदोलन की पृष्ठभूमि में सरकार द्वारा लिए गए इन फैसलों को विद्यार्थियों और युवाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मराठा विद्यार्थियों को OBC जैसी शैक्षणिक सुविधाएं
शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से मराठा समाज के विद्यार्थियों को OBC वर्ग के विद्यार्थियों की तरह उपलब्ध शैक्षणिक छूट और सुविधाओं का लाभ देने के निर्देश दिए गए हैं। तकनीकी शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी विभागीय कार्यालयों और विश्वविद्यालयों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इस फैसले से तकनीकी शिक्षा लेने वाले मराठा विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान मिलने वाली सुविधाओं में राहत मिल सकती है।
हॉस्टल भत्ते के लिए 200 करोड़ रुपये मंजूर
EBC, EWS और SEBC वर्ग के विद्यार्थियों के लंबित हॉस्टल निर्वाह भत्ते के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया है। यह राशि मानसून सत्र की अनुपूरक मांग के माध्यम से उपलब्ध हुई है। संबंधित विद्यार्थियों को लंबित हॉस्टल भत्ता वितरित करने के निर्देश उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से दिए गए हैं। हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह फैसला आर्थिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
विदेश में पढ़ाई करने वालों के लिए छात्रवृत्ति नीति में बदलाव
सारथी के माध्यम से मिलने वाली विदेश शिक्षा छात्रवृत्ति के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब विदेशी विश्वविद्यालयों की ट्यूशन फीस सीधे संबंधित संस्थान को दी जाएगी। इसके साथ ही छात्रवृत्ति की अधिकतम राशि की सीमा भी हटा दी गई है। विद्यार्थियों को हर साल 1,500 अमेरिकी डॉलर, जबकि यूके में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को 1,100 GBP अतिरिक्त निर्वाह या आकस्मिक भत्ता दिया जाएगा। छात्रवृत्ति के लिए QS Ranking के आधार पर नई गुणवत्ता सूची प्रणाली भी लागू की गई है।
1,440 युवाओं को मुफ्त ड्राइविंग ट्रेनिंग
शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सारथी संस्था ने IDTRS पिंपरी-चिंचवड़ के साथ समझौता कर 1,440 मराठा और कुणबी युवाओं के लिए मुफ्त ड्राइविंग और कंडक्टर प्रशिक्षण शुरू करने का आदेश जारी किया है। यह प्रशिक्षण 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। इसमें LMV और HMV ड्राइविंग के साथ कंडक्टर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। खास बात यह है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कम से कम 1,000 लाभार्थियों को रोजगार या स्वरोजगार दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
विद्यार्थियों और युवाओं के लिए क्यों खास है यह फैसला?
सरकार के इन चार GR का असर सीधे विद्यार्थियों और युवाओं पर पड़ने वाला है। शिक्षा में छूट से लेकर हॉस्टल भत्ता, विदेश में पढ़ाई की सुविधा और रोजगार के लिए प्रशिक्षण तक कई स्तरों पर सहायता मिलने वाली है। अब इन फैसलों का लाभ पात्र विद्यार्थियों और युवाओं तक कितनी तेजी से पहुंचता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।


