वॉशिंगटन : अमेरिका में ईरान युद्ध से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मीडिया तक पहुंचने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने इस मामले की तह तक जाने के लिए करीब 50 वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की पॉलीग्राफ टेस्ट कराई है। इस खबर के सामने आने के बाद अमेरिकी सैन्य व्यवस्था में हलचल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना के जॉइंट स्टाफ से जुड़े करीब 50 लोगों को जांच के दायरे में लिया गया है। इनमें सैन्य अधिकारियों के साथ कुछ नागरिक कर्मचारी भी शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका के हथियारों के घटते भंडार और अन्य संवेदनशील सैन्य जानकारी आखिर मीडिया तक कैसे पहुंची।
आखिर क्या है पूरा मामला?
ईरान के साथ युद्ध के दौरान अमेरिका के पास कुछ जरूरी हथियारों की कमी होने से जुड़ी जानकारी सामने आई थी। युद्ध के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले हथियारों के स्टॉक से जुड़ी ऐसी जानकारी को काफी संवेदनशील माना जाता है। अब अमेरिकी प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि सैन्य व्यवस्था के भीतर से यह जानकारी किसने और किस पत्रकार तक पहुंचाई। इसी जांच के तहत जॉइंट स्टाफ से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई और उनकी पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराई गई। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जांच सिर्फ सामान्य सूचना लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि युद्ध के दौरान अमेरिका की सैन्य क्षमता और हथियारों की उपलब्धता से जुड़ी संवेदनशील जानकारी के लीक होने को लेकर गंभीरता से की जा रही है।
क्या होती है पॉलीग्राफ टेस्ट?
पॉलीग्राफ टेस्ट को आम भाषा में ‘लाई डिटेक्टर टेस्ट’ यानी झूठ पकड़ने वाली जांच कहा जाता है। इस दौरान व्यक्ति से कई सवाल पूछे जाते हैं और उसके जवाब देते समय होने वाले शारीरिक बदलावों को रिकॉर्ड किया जाता है। इसमें सांस लेने की गति, दिल की धड़कन और शरीर में होने वाले दूसरे बदलावों पर नजर रखी जाती है। हालांकि, किसी व्यक्ति का तनाव में होना अपने आप यह साबित नहीं करता कि वह झूठ बोल रहा है। इसलिए पॉलीग्राफ टेस्ट को जांच का एक साधन माना जाता है, अंतिम सबूत नहीं।
गोपनीय जानकारी लीक होने से बढ़ी चिंता
ईरान युद्ध से जुड़ी संवेदनशील जानकारी के मीडिया तक पहुंचने के बाद अमेरिकी प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि सैन्य तंत्र के अंदर से जानकारी बाहर किसने पहुंचाई? अब 50 अधिकारियों और कर्मचारियों की पॉलीग्राफ टेस्ट इसी सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश का हिस्सा बताई जा रही है।


