नई दिल्ली : 27 फरवरी 2019… वह दिन जब भारत-पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष में भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने अपने मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया था। इसके बाद उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ और वे पाकिस्तान की सीमा में जा गिरे। पाकिस्तान की हिरासत में रहने के बाद 1 मार्च 2019 को अभिनंदन सुरक्षित भारत लौटे। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
अब वही अभिनंदन वर्धमान अपने करियर की एक नई उड़ान भरने जा रहे हैं। भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अब ‘फ्लाय91’ एयरलाइन में पायलट के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है।
फाइटर जेट से अब ATR विमान तक का सफर
ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने अगस्त महीने में गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाय91 के साथ बतौर पायलट काम शुरू किया है। फिलहाल वह गोवा-हैदराबाद रूट पर प्रशिक्षण ले रहे हैं। जरूरी ट्रेनिंग और नियामकीय मंजूरी पूरी होने के बाद वह एयरलाइन के ATR विमान उड़ाते नजर आ सकते हैं। एक समय आसमान में दुश्मन के लड़ाकू विमान का सामना करने वाले अभिनंदन अब देश के अलग-अलग शहरों के बीच यात्रियों को लेकर उड़ान भरेंगे। यानी उनका कॉकपिट बदला है, लेकिन उड़ान के प्रति वही अनुशासन और जिम्मेदारी उनके साथ है।
फ्लाय91 में क्या होगी भूमिका?
फ्लाय91 फिलहाल गोवा, कोच्चि, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे, अगत्ती, हुबली और लक्षद्वीप समेत कई क्षेत्रीय शहरों के बीच उड़ानें संचालित करती है। एयरलाइन ने अभिनंदन के अपने साथ जुड़ने की पुष्टि की है, हालांकि उनकी भूमिका, प्रशिक्षण और भविष्य के फ्लाइट शेड्यूल से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। एयरलाइन के पास फिलहाल छह विमान हैं और आने वाले समय में अपने बेड़े को बढ़ाकर करीब 20 विमानों तक ले जाने की योजना बताई जा रही है।
कैसी रही अभिनंदन की सैन्य यात्रा?
21 जून 1983 को चेन्नई में जन्मे अभिनंदन ने सैनिक स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने के बाद राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से प्रशिक्षण लिया। जून 2004 में वह भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए। उन्होंने Su-30MKI के साथ-साथ MiG-21 Bison भी उड़ाया। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद हुए हवाई संघर्ष ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। दिसंबर 2021 में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नति मिली।
अब आसमान वही, लेकिन सफर नया
अभिनंदन वर्धमान की कहानी सिर्फ एक फाइटर पायलट की कहानी नहीं है। यह उस सफर की कहानी है जिसमें युद्ध के बेहद कठिन हालात का सामना करने वाला एक अधिकारी अब आम यात्रियों की सुरक्षित यात्रा की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है। मिग-21 से ATR तक… अभिनंदन की उड़ान का मिशन बदल गया है, लेकिन आसमान से उनका रिश्ता आज भी कायम है।


