नेपाल की मदद के लिए फिर आगे आया भारत, 5.5 टन मेडिकल सामग्री लेकर पहुंचा IAF का विमान

बाढ़ की तबाही के बीच भारत का राहत अभियान तेज, 166 भारतीयों को सुरक्षित निकाला

काठमांडू : नेपाल इस समय भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। कई इलाकों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में भारत एक बार फिर अपने पड़ोसी देश के साथ मजबूती से खड़ा नजर आ रहा है। भारत की ओर से नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार तेज किया जा रहा है।

इसी अभियान के तहत भारतीय वायुसेना का पांचवां विमान 5.5 टन मेडिकल सामग्री लेकर काठमांडू पहुंचा है। इस राहत सामग्री में जरूरी दवाइयां, एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक दवाएं, सर्जिकल उपकरण और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामान शामिल हैं।

राहत सामग्री के साथ विशेष बचाव दल भी पहुंचा

भारतीय वायुसेना के इस विमान के साथ 11 सदस्यों की विशेष बचाव टीम और 6 टन से अधिक आपातकालीन बचाव सामग्री भी नेपाल भेजी गई है। भारत अब तक नेपाल को 74 टन से अधिक राहत सामग्री उपलब्ध करा चुका है। इस मदद से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

166 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया

नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम भी लगातार जारी है। अब तक 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिसमें बुधवार को निकाले गए तीन लोग भी शामिल हैं। इसके अलावा तिब्बत में तीर्थयात्रा या अन्य कामों के लिए गए 410 भारतीय नागरिकों को चीन के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला गया है। संकट के इस दौर में अपनों के पास लौट रहे इन नागरिकों के लिए यह राहत की बड़ी खबर है।

चिलिमे में मलबे के बीच तलाश जारी

नेपाल के चिलिमे इलाके में सुरंग के अंदर खोज अभियान भी युद्धस्तर पर जारी है। सुरंग के भीतर भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा जमा होने के बावजूद भारतीय और नेपाली सेना की संयुक्त टीम करीब 100 मीटर अंदर तक पहुंच चुकी है। वहीं, भारत की फॉरेंसिक टीम काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में नेपाली विशेषज्ञों के साथ मिलकर मृतकों के डीएनए नमूनों की जांच और विश्लेषण कर रही है। इसका उद्देश्य अज्ञात शवों की पहचान कर उनके परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाना है।

आपदा के बीच इंसानियत की उम्मीद

नेपाल में बाढ़ और तबाही ने बड़ी संख्या में परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। मृतकों की संख्या 1100 के पार पहुंचने और हजारों लोगों के लापता होने की खबरों ने स्थिति की गंभीरता बढ़ा दी है। शवगृह और श्मशान स्थल भर जाने के कारण प्रशासन के सामने अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार और दफनाने की चुनौती भी खड़ी हो गई है। ऐसे कठिन समय में भारत की ओर से लगातार पहुंचाई जा रही दवाइयां, बचाव सामग्री और विशेषज्ञों की मदद नेपाल के लिए सिर्फ राहत सामग्री नहीं, बल्कि मुश्किल घड़ी में पड़ोसी के साथ खड़े होने का भरोसा भी है।

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