नागपुर : पेट्रोल से चलने वाले पुराने दोपहिया वाहन अब सीधे कबाड़ में जाने के बजाय इलेक्ट्रिक सफर की नई शुरुआत कर सकेंगे। इसी दिशा में ग्रीन टाइगर मोबिलिटी ने नागपुर में अपना नया ईवी रेट्रोफिटिंग सेंटर शुरू किया है। नागपुर के पडोले लेआउट, गायत्री नगर, प्रतापनगर स्थित इस सेंटर का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में किया गया।
ग्रीन टाइगर मोबिलिटी द्वारा विकसित तकनीक की मदद से पात्र पेट्रोल दोपहिया वाहनों को इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जा सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए लोगों को अपना पुराना और परिचित वाहन छोड़कर नया वाहन खरीदने की जरूरत नहीं होगी। यानी जिस वाहन से वे वर्षों से जुड़े हैं, उसे ही नई इलेक्ट्रिक तकनीक के साथ आगे इस्तेमाल किया जा सकेगा।
1,500 से अधिक ग्राहकों को सेवा
कंपनी के मुताबिक, बेंगलुरु में अब तक 1,500 से अधिक ग्राहकों को रेट्रोफिटिंग की सेवाएं दी जा चुकी हैं। कंपनी का दावा है कि उसके समाधान में ईवी तकनीक के साथ एआरएआई और आरटीओ अनुपालन, वित्तपोषण, बीमा तथा रोडसाइड असिस्टेंस जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। रेट्रोफिटिंग का एक बड़ा फायदा यह माना जा रहा है कि इससे पुराने लेकिन उपयोगी दोपहिया वाहनों का जीवन बढ़ाया जा सकता है। साथ ही, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाने के लिए नया वाहन खरीदने की तुलना में लोगों के सामने एक वैकल्पिक और किफायती रास्ता उपलब्ध हो सकता है।
नागपुर सेंटर से स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा
नागपुर में शुरू किया गया यह सेंटर केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की सुविधा तक सीमित नहीं है। कंपनी का लक्ष्य विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का एक स्थानीय इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके जरिए स्थानीय उद्यमियों के लिए नए व्यवसाय के अवसर और युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलने की उम्मीद है। इस पहल का एक अहम पहलू उन मैकेनिकों और तकनीशियनों को नए कौशल से जोड़ना भी है, जो वर्षों से पेट्रोल वाहनों की सर्विसिंग करते आ रहे हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के बीच इन पारंपरिक ऑटोमोबाइल कर्मचारियों को ईवी तकनीक में प्रशिक्षित कर भविष्य के लिए तैयार करने पर भी कंपनी जोर दे रही है।
‘ईवी अपनाना सिर्फ नए वाहन खरीदने तक सीमित नहीं’
ग्रीन टाइगर मोबिलिटी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष डोकानिया ने कहा कि भारत का इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ना केवल ग्राहकों के लिए नहीं, बल्कि दोपहिया क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों के लिए भी अवसर पैदा करने वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि रेट्रोफिटमेंट से ईवी अपनाना अधिक किफायती हो सकता है और पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग से जुड़ी चुनौतियों को भी कम करने में मदद मिल सकती है। कंपनी के सीटीओ आदित्य गंजापुरे ने कहा कि भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की यात्रा केवल नए ईवी बेचने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। सड़कों पर अभी भी बड़ी संख्या में पेट्रोल दोपहिया वाहन उपयोग करने योग्य स्थिति में हैं और स्वीकृत इलेक्ट्रिक रेट्रोफिट तकनीक के जरिए उन्हें नया जीवन दिया जा सकता है।
महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 10 और सेंटर का लक्ष्य
नागपुर सेंटर की शुरुआत के बाद कंपनी अब अपने नेटवर्क को और विस्तार देने की तैयारी में है। ग्रीन टाइगर मोबिलिटी ने अगले दो महीनों में महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 10 और सेंटर शुरू करने का लक्ष्य रखा है। नागपुर से शुरू हुई यह पहल आने वाले दिनों में विदर्भ के लोगों के लिए किफायती इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का एक नया विकल्प बन सकती है। पुराने वाहन को छोड़ने के बजाय उसी वाहन को नई तकनीक के साथ आगे बढ़ाने का विचार शहर और क्षेत्र में ईवी को लेकर लोगों की सोच में भी बदलाव ला सकता है।


