कल है रक्षाबंधन! राखी बांधने से पहले इन 5 जरूरी बातों को जरूर जान लें

एक राखी… और उससे जुड़ी होती हैं बचपन की हजारों यादें!

कभी भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहन सुबह से तैयार रहती थी, तो कभी राखी के बदले मिलने वाले गिफ्ट को लेकर दोनों में मजेदार नोकझोंक होती थी। यही छोटी-छोटी यादें रक्षाबंधन को सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि रिश्तों का खूबसूरत उत्सव बना देती हैं।

कल जब आप अपने भाई की कलाई पर राखी बांधें, उससे पहले इन 5 जरूरी बातों को जरूर जान लें। हो सकता है, इन छोटी-सी बातों से आपकी राखी की खुशी और भी खास हो जाए।

1. राखी बांधने से पहले शुभ समय जरूर देखें

रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है। इसलिए राखी बांधने से पहले पंचांग के अनुसार शुभ समय और भद्रा की स्थिति जरूर देख लें।

2. राखी की थाली में क्या रखें?

राखी की थाली जितनी सुंदर होती है, उतनी ही भावनाओं से भरी भी। इसमें रोली, अक्षत, दीपक, राखी और मिठाई जरूर रखें। चाहें तो थाली को फूलों से सजाकर इसे और खूबसूरत बना सकती हैं।

3. राखी बांधते समय ये पल बनाएं खास

भाई का तिलक करें, अक्षत लगाएं और फिर उसकी कलाई पर राखी बांधें। इसके बाद मिठाई खिलाकर उसके सुखी और सफल जीवन की कामना करें। आखिर राखी का असली मतलब ही है—एक-दूसरे के साथ और खुशियों की कामना।

 4. सिर्फ रस्म नहीं, भावनाओं का भी रखें ध्यान

रक्षाबंधन को सिर्फ जल्दी-जल्दी निभाई जाने वाली रस्म न बनाएं। इस दिन कुछ समय साथ बैठकर पुरानी यादें, बचपन की शरारतें और खूबसूरत पल जरूर याद करें। यही पल बाद में सबसे ज्यादा याद आते हैं।

 5. गिफ्ट से ज्यादा जरूरी है आपका साथ

भाई को महंगा तोहफा देना जरूरी नहीं। बहन की एक प्यारी-सी बात, भाई का छोटा-सा सरप्राइज या साथ बिताया हुआ कुछ समय भी इस त्योहार को यादगार बना सकता है।

 क्योंकि राखी की असली कीमत धागे में नहीं, रिश्ते में होती है…

आज भाई-बहन बड़े हो गए हैं। किसी की नौकरी दूसरे शहर में है, कोई पढ़ाई के लिए दूर है, तो कोई अपनी जिंदगी में व्यस्त है। लेकिन रक्षाबंधन आते ही बचपन फिर से लौटता हुआ महसूस होता है।

इसलिए इस बार राखी सिर्फ कलाई पर मत बांधिए…
थोड़ा वक्त दीजिए, दिल की बात कहिए और उस रिश्ते को महसूस कीजिए, जो जिंदगी कितनी भी बदल जाए, कभी पुराना नहीं होता।

इस रक्षाबंधन एक बात जरूर याद रखें…

राखी कुछ सेकंड में बांधी जाती है, लेकिन उसका रिश्ता जिंदगीभर साथ चलता है। भाई की कलाई पर बंधा यह छोटा-सा धागा शायद दिखने में साधारण हो, लेकिन इसमें छिपा होता है बहन का प्यार, भाई का भरोसा और बचपन की अनगिनत यादें।

इस रक्षाबंधन, राखी बांधिए… लेकिन साथ में रिश्ते को भी थोड़ा और मजबूत कीजिए।

लोकतंत्र मिरर

लोकतंत्र मिरर जनता का भरोसेमंद न्यूज चैनल 📍 महाराष्ट्र | पूरे भारत की खबरें ⚡ राजनीति | व्यापार | मनोरंजन | खेल | ताजा अपडेट 📢 ब्रांड प्रमोशन/ विज्ञापन के लिए संपर्क करे: 📞 9545924968/7758043733

Related Posts

एकता दिवस : सरदार पटेलांचा वारसा आणि राष्ट्रीय एकात्मतेचे आव्हान

राज माहोरे पत्रकार ✍️  राष्ट्रीय एकता ही केवळ नकाशावर सीमा आखून सुरक्षित होत नाही, तर विविध क्षेत्रांतील लोकांमध्ये सामायिक सामाजिक-राजकीय जाणिवेवर अवलंबून असते. स्वातंत्र्यप्राप्तीनंतर प्रादेशिक आकांक्षा आणि बदलत्या सामाजिक अपेक्षांच्या…

दिवाली के दीये जलेंगे, लेकिन सूखे खेतों का अंधेरा कौन मिटाएगा?

दिवाली यानी खुशियों का त्योहार। घरों में साफ-सफाई, बाजारों में रौनक, मिठाइयों की खुशबू और शाम होते ही दीयों की जगमगाहट। हर कोई चाहता है कि इस दिवाली उसका घर…