मुंबई : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रधानमंत्री बनने की चर्चाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की अटकलों के बीच कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के बयान ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। वडेट्टीवार ने कहा कि “देवेंद्र फडणवीस प्रधानमंत्री बनें, ऐसी हमारी इच्छा है। अगर कोई मराठी व्यक्ति देश के प्रधानमंत्री पद पर बैठता है तो खुशी होगी।”
पिछले कुछ दिनों से फडणवीस की दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां और मुलाकातें बढ़ी हैं। ऐसे में उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा के केंद्रीय स्तर पर उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। भाजपा के बेहद प्रभावशाली माने जाने वाले केंद्रीय संसदीय बोर्ड में फडणवीस को जगह मिलने की संभावना की भी चर्चा है। फिलहाल वह भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य हैं। महाराष्ट्र में लगातार चुनावों में भाजपा को मिली सफलता और राष्ट्रीय स्तर पर उनके बढ़ते प्रभाव के कारण पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में उनका कद लगातार मजबूत हुआ है।
खास बात यह है कि फडणवीस के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा केवल भाजपा के भीतर से नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं के बयानों से भी तेज हो रही है। ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत पिछले कुछ समय से दावा कर रहे हैं कि फडणवीस के दिल्ली जाने को लेकर राजनीतिक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। राऊत ने यह भी दावा किया है कि फडणवीस महाराष्ट्र में अपने पसंदीदा नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने के बाद दिल्ली की ओर रुख कर सकते हैं। हालांकि, इन दावों पर भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
2029 के बाद राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका?
देवेंद्र फडणवीस की संगठनात्मक क्षमता, भाजपा में बढ़ता प्रभाव और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी स्वीकार्यता को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों के बीच उनकी बड़ी केंद्रीय भूमिका को लेकर चर्चा है। माना जा रहा है कि 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद या उससे पहले भी उन्हें केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि, फिलहाल फडणवीस के प्रधानमंत्री बनने को लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए दिल्ली में उनकी बढ़ती सक्रियता और विपक्षी नेताओं के बयानों के बीच चल रही इन चर्चाओं को फिलहाल राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
महाराष्ट्र की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाने के बाद अब राष्ट्रीय राजनीति में फडणवीस की भूमिका कितनी बड़ी होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। ऐसे में “क्या देवेंद्र फडणवीस भविष्य में देश के प्रधानमंत्री पद की दौड़ में होंगे?” यह सवाल आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बन सकता है।


