चेन्नई : महेंद्र सिंह धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का रिश्ता IPL इतिहास के सबसे खास रिश्तों में गिना जाता है। लेकिन अब इसी रिश्ते में खटास आने की खबरों ने क्रिकेट जगत में हलचल बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, धोनी ने CSK में हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन उनकी मांग और फ्रेंचाइजी की पेशकश के बीच बड़ा अंतर सामने आया।
आखिर विवाद क्या है?
CricBlogger की रिपोर्ट के अनुसार, धोनी CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदना चाहते थे। हालांकि, फ्रेंचाइजी के प्रमोटर्स कथित तौर पर उन्हें सिर्फ 3 प्रतिशत हिस्सेदारी देने के लिए तैयार थे। इसके बाद धोनी ने अपनी मांग घटाकर 20 प्रतिशत करने की बात कही, जबकि CSK की ओर से ऑफर बढ़ाकर 4 प्रतिशत किए जाने का दावा है। बातचीत आगे बढ़ी तो धोनी ने कथित तौर पर 18 प्रतिशत हिस्सेदारी पर सहमति जताने की पेशकश की। लेकिन फ्रेंचाइजी की ओर से अंतिम प्रस्ताव 5.5 प्रतिशत का बताया जा रहा है। हालांकि, इन दावों पर अभी तक धोनी या CSK की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
खिलाड़ियों के चयन को लेकर भी नाराजगी ?
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि पिछले कुछ समय से खिलाड़ियों के चयन को लेकर धोनी की राय को पहले जैसी अहमियत नहीं मिल रही थी। इसी कथित नाराजगी के बीच हिस्सेदारी का मुद्दा सामने आने से दोनों के रिश्तों को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। धोनी ने CSK को पांच बार IPL चैंपियन बनाया है। यही वजह है कि उनका इस फ्रेंचाइजी से रिश्ता सिर्फ एक खिलाड़ी और टीम का नहीं, बल्कि करोड़ों प्रशंसकों की भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है।
क्या फिर दिखेंगे CSK की जर्सी में ?
धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। IPL में उन्होंने 278 मैचों में 5,439 रन बनाए हैं। उनके नाम 24 अर्धशतक भी दर्ज हैं। विकेटकीपर के तौर पर भी धोनी का प्रदर्शन शानदार रहा है। फिलहाल हिस्सेदारी को लेकर चल रही यह पूरी चर्चा कितनी गंभीर है, यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन इन खबरों ने CSK फैंस के मन में एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—क्या महेंद्र सिंह धोनी आगे भी CSK की जर्सी में नजर आएंगे?


