दुबई : एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हमेशा से ही रोमांच और दबाव से भरा रहा है। लेकिन इस बार मैदान के साथ-साथ मैदान के बाहर भी एक सवाल चर्चा में है। पिछले साल पुरुष एशिया कप के दौरान ट्रॉफी को लेकर हुआ विवाद अब महिला एशिया कप में भी दोबारा सामने आता दिखाई दे रहा है।
महिला एशिया कप का आयोजन 28 अगस्त से 13 सितंबर तक दुबई में किया जाएगा। प्रतियोगिता में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश समेत कई टीमें हिस्सा लेंगी। भारत और पाकिस्तान को एक ही समूह में रखा गया है। दोनों टीमों के बीच मुकाबला 5 सितंबर को खेला जाएगा। यदि दोनों टीमें फाइनल में पहुंचती हैं, तो खिताबी मुकाबले में एक बार फिर आमना-सामना हो सकता है। भारतीय महिला टीम ने अब तक सात बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया है। ऐसे में इस बार भी टीम की नजरें खिताब पर होंगी। हालांकि, गत विजेता श्रीलंका और पाकिस्तान की टीम भारतीय टीम के सामने कड़ी चुनौती पेश कर सकती हैं।
फिर उठेगा ट्रॉफी का सवाल?
पिछले साल पुरुष एशिया कप में भारतीय टीम और एशियाई क्रिकेट परिषद के प्रमुख तथा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नक्वी के बीच ट्रॉफी को लेकर विवाद हुआ था। पहलगाम हमले के बाद आयोजित इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से भी परहेज किया था। भारतीय टीम ने नक्वी के हाथों ट्रॉफी लेने से भी इनकार किया था। अब महिला एशिया कप में अगर भारतीय टीम खिताब जीतती है, तो सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि विजेता ट्रॉफी आखिर किसके हाथों से दी जाएगी।
हरमनप्रीत कौर भी लेंगी ऐसा फैसला?
भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर अगर टीम को खिताब दिलाती हैं, तो क्या वह भी सूर्यकुमार यादव की तरह मोहसिन नक्वी से ट्रॉफी लेने से इनकार करेंगी? फिलहाल इस पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी स्थिति आने पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड की भूमिका क्या होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। बोर्ड ने भारतीय और पाकिस्तानी टीमों के बीच किसी भी तरह की औपचारिक मुलाकात नहीं होने की बात स्पष्ट की है। हालांकि, पुरस्कार वितरण समारोह को लेकर फिलहाल ‘इंतजार करो और देखो’ की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में यदि भारतीय महिला टीम 13 सितंबर को होने वाले फाइनल में जीत दर्ज करती है, तो मैदान पर खिताबी जीत के बाद होने वाला पुरस्कार वितरण समारोह भी सभी के लिए खास नजर आएगा। अब देखना यह होगा कि भारतीय टीम के हाथों में ट्रॉफी किस तरह पहुंचती है।


