मुंबई : टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा सन्स की 108वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 18 अगस्त को पहली बार कोरम पूरा नहीं होने के कारण स्थगित करनी पड़ी। बैठक दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई और करीब 3 बजे इसे स्थगित कर दिया गया। यह टाटा सन्स के इतिहास में पहली बार हुआ है।
बैठक में Sir Dorabji Tata Trust (SDTT) और Sir Ratan Tata Trust (SRTT) का संयुक्त प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। दोनों ट्रस्ट मिलकर टाटा सन्स में करीब 51.5% हिस्सेदारी रखते हैं। टाटा सन्स के Articles of Association के Article 86 के अनुसार वैध कोरम के लिए कम से कम पांच सदस्यों की मौजूदगी जरूरी है, जिसमें इन दोनों ट्रस्टों का संयुक्त प्रतिनिधि भी शामिल होना चाहिए।
धर्मादाय आयुक्त के आदेश से अटकी प्रक्रिया
महाराष्ट्र के Charity Commissioner ने Sir Ratan Tata Trust की बैठकों पर रोक लगा रखी है। इसी वजह से SRTT और SDTT संयुक्त रूप से अपना प्रतिनिधि नामित नहीं कर सके। ट्रस्ट के प्रशासन और वित्तीय मामलों को लेकर चल रही जांच के बीच यह मामला सामने आया है। अब Tata Sons का बोर्ड AGM की अगली तारीख तय करने पर फैसला करेगा।
चंद्रशेखरन के बाद नेतृत्व पर नजर
AGM का स्थगित होना ऐसे समय में हुआ है, जब टाटा सन्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने हाल ही में घोषणा की है कि वह अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा चेयरमैन पद के लिए पुनर्नियुक्ति नहीं मांगेंगे। उनका वर्तमान कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होगा। चंद्रशेखरन ने अपने फैसले के पीछे बोर्ड के एक सदस्य से उन्हें दोबारा नियुक्त करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मत समर्थन नहीं मिलने की बात कही थी। इस घटनाक्रम को टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा के साथ मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, चंद्रशेखरन ने संबंधित बोर्ड सदस्य का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
लिस्टिंग और नए कारोबार भी चर्चा में
टाटा सन्स की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग और समूह के नए कारोबारों में बड़े निवेश को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं। टाटा सन्स को RBI ने Upper-Layer NBFC (UL-NBFC) के रूप में वर्गीकृत किया है। कंपनी ने इस वर्गीकरण से बाहर निकलने के लिए RBI से अनुरोध किया है और इस मुद्दे पर आगे की चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। टाटा सन्स की AGM का इस तरह स्थगित होना कंपनी के लिए एक असामान्य घटनाक्रम है। अब AGM की नई तारीख और कंपनी के नेतृत्व से जुड़े अगले फैसलों पर सभी की नजरें रहेंगी।


