कोलंबिया : दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार की सुबह आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। 7.4 तीव्रता के इस भूकंप में अब तक 132 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 570 लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचने के बाद मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका है। ऐसे में राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
पेरेरा में सबसे ज्यादा नुकसान
भूकंप से पेरेरा शहर सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है। यहां अकेले करीब 60 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। भूकंप का केंद्र शहर से करीब 64 किलोमीटर से भी कम दूरी पर होने के कारण झटकों का असर काफी तेज रहा। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, बड़ी संख्या में मकानों और दूसरी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। कई इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं, जबकि कुछ इमारतों को भारी क्षति हुई है। अस्पतालों और स्कूलों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
हजारों परिवारों पर संकट
भूकंप के कारण करीब 1,577 आवासीय इमारतें प्रभावित हुई हैं। इनमें से 37 इमारतों के पूरी तरह तबाह होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों को भी नुकसान पहुंचा है। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को अपने घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया है। प्रभावित इलाकों में लोगों के लिए पानी, भोजन, कंबल, चटाई और प्राथमिक उपचार जैसी जरूरी चीजों की व्यवस्था की जा रही है।
चोको क्षेत्र में था भूकंप का केंद्र
अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप का केंद्र कोलंबिया के चोको क्षेत्र में सैन जोसे डेल पालमार के पास था। इसकी गहराई करीब 107 किलोमीटर बताई गई है। भूकंप के झटके राजधानी बोगोटा समेत देश के कई हिस्सों में महसूस किए गए। भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स यानी दोबारा झटके आने की आशंका ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। कई जगहों पर लोग घरों और इमारतों से बाहर निकलकर खुले स्थानों पर चले गए।
बोगोटा से भेजी जा रही राहत टीम
राजधानी बोगोटा में फिलहाल बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में सहायता भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। करीब 100 बचावकर्मियों को सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में भेजने की तैयारी की जा रही है। बोगोटा प्रशासन ने राहत सामग्री जुटाने के लिए कई संग्रह केंद्र बनाए हैं। यहां पीने का पानी, टिकाऊ खाद्य सामग्री, कंबल, चटाइयां, स्वच्छता से जुड़ी चीजें और प्राथमिक उपचार का सामान जमा किया जा रहा है। फिलहाल प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचना और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाना है। बचाव अभियान जारी है और आने वाले घंटों में नुकसान का आंकड़ा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।


