मॉस्को : रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। यूक्रेन ने रूस के काफी अंदर स्थित तातारस्तान के निजनेकाम्स्क शहर को ड्रोन हमले का निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि यह इलाका यूक्रेनी सीमा से करीब 1200 किलोमीटर दूर है। हमले में 12 लोगों की जान चली गई, जबकि 39 लोग घायल हुए हैं।
औद्योगिक इलाके को बनाया निशाना
निजनेकाम्स्क रूस के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल है। यहां तेल शोधन और पेट्रोकेमिकल से जुड़े बड़े संयंत्र हैं। ऐसे में इस इलाके पर हमला रूस के लिए चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। हमले से एक महत्वपूर्ण ऊर्जा संयंत्र को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। यूक्रेन पिछले कुछ समय से रूस के भीतर मौजूद तेल और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को लंबी दूरी के ड्रोन से निशाना बना रहा है। इन हमलों का मकसद रूस की ईंधन व्यवस्था और युद्ध से जुड़ी आर्थिक क्षमता पर दबाव बढ़ाना माना जा रहा है।
जेलेंस्की का क्या कहना है?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की ओर से संकेत दिया गया है कि रूस पर सैन्य दबाव बढ़ाकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बातचीत के लिए मजबूर करना जरूरी है। यूक्रेन का दावा है कि युद्ध खत्म करने के लिए रूस को बातचीत की दिशा में लाना ही इस रणनीति का अहम हिस्सा है।
रूस ने 456 ड्रोन गिराने का दावा किया
हमले के बीच रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि रात के दौरान यूक्रेन के 456 ड्रोन नष्ट किए गए। हालांकि, तातारस्तान जैसे रूस के अंदरूनी और रणनीतिक क्षेत्र तक यूक्रेनी ड्रोन के पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रूस-यूक्रेन युद्ध का असर अब सिर्फ दोनों देशों की सीमा के आसपास दिखाई नहीं दे रहा। हजारों किलोमीटर दूर स्थित औद्योगिक और ऊर्जा केंद्र भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे हमलों से वहां रहने वाले लोगों के बीच डर बढ़ना स्वाभाविक है और आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।


