पिंपरी-चिंचवड : सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक राहत की उम्मीद लगाए बैठे पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुंबई उच्च न्यायालय ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ‘काल्पनिक वेतनवाढ’ यानी नोशनल इन्क्रिमेंट मंजूर करने के आदेश दिए हैं। इस फैसले से कई पूर्व कर्मचारियों की पेंशन और ग्रॅच्युइटी राशि में बढ़ोतरी होने का रास्ता साफ हो गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, एक जुलाई या एक जनवरी को मिलने वाली वार्षिक वेतनवृद्धि से पहले 30 जून या 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हुए कई शिक्षक तकनीकी कारणों से इस लाभ से वंचित रह गए थे। वित्त विभाग की अधिसूचना में प्रावधान होने के बावजूद स्वतंत्र शासन निर्णय (जीआर) नहीं होने का कारण बताकर कर्मचारियों को लाभ नहीं दिया जा रहा था। इस मामले में पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका के 76 सेवानिवृत्त शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने मुंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। न्यायालय में सुनवाई के दौरान कर्मचारियों की मांग को मान्यता देते हुए न्यायमूर्ति गजानन कुलकर्णी ने नोशनल इन्क्रिमेंट देने का आदेश दिया।
छह महीने की सेवा पूरी करने वालों को मिलेगा लाभ
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जिन कर्मचारियों ने वेतनवृद्धि लागू होने के बाद कम से कम छह महीने या उससे अधिक की संतोषजनक सेवा पूरी की है, उन्हें काल्पनिक वेतनवृद्धि का लाभ मिलना चाहिए। सिर्फ इस आधार पर कि कर्मचारी वेतनवृद्धि की तारीख को सेवा में नहीं थे, उनका हक नहीं छीना जा सकता।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए अहम फैसला
30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों ने संबंधित वर्ष में अपनी सेवा अवधि पूरी की होती है। इसलिए उन्हें अगले दिन मिलने वाली वार्षिक वेतनवृद्धि का हकदार माना जाना चाहिए, ऐसा न्यायालय ने कहा। इस फैसले के बाद पिंपरी-चिंचवड मनपा के उन सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनकी 180 दिन या उससे अधिक सेवा पूरी होने के बावजूद अगली वेतनवृद्धि रोकी गई थी। अब उनकी पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में सुधार होने की संभावना है।


