देशभर में खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों पर सख्ती बढ़ रही है, लेकिन दूसरी ओर जांच व्यवस्था सीमित संसाधनों के कारण दबाव झेल रही है। मुंबई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त अधिकारियों और प्रयोगशालाओं की कमी बन गई है। मुंबई स्थित FDA की खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में प्रतिदिन औसतन 50 से 55 खाद्य नमूने जांच के लिए पहुंच रहे हैं। प्रयोगशाला हर महीने लगभग 2,500 से 3,000 नमूनों की जांच करने में सक्षम है। यहां फिलहाल 9 से 10 फूड एनालिस्ट कार्यरत हैं, जो रासायनिक और सूक्ष्मजीव संबंधी जांच कर रिपोर्ट तैयार करते हैं।
राज्यभर में लगभग 350 फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) कार्यरत हैं, लेकिन देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में केवल 49 अधिकारी ही तैनात हैं। बढ़ती आबादी और तेजी से बढ़ रहे खाद्य कारोबार के बीच यह संख्या बेहद कम मानी जा रही है। यही अधिकारी बाजारों में जाकर खाद्य पदार्थों के नमूने लेते हैं, निरीक्षण करते हैं और नियमों के पालन की जांच करते हैं। FDA की वर्तमान में मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर में खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं। आवश्यकता पड़ने पर पुणे और नागपुर स्थित स्वास्थ्य विभाग की प्रयोगशालाओं की भी मदद ली जाती है।
खाद्य नमूनों की जांच में तेजी लाने के लिए नाशिक और यवतमाल में नई प्रयोगशालाएं शुरू करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। वहीं तीन नई खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं का निर्माण भी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि नई प्रयोगशालाएं शुरू होने और जल्द होने वाली भर्ती के बाद जांच प्रक्रिया और अधिक तेज व प्रभावी हो सकेगी।


