डॉ. मनमोहन सिंह से जुड़े बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व प्रधानमंत्री को जारी किए गए समन को रद्द करते हुए सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली है। इसके साथ ही इस मामले में डॉ. मनमोहन सिंह को पूरी तरह राहत मिल गई है।
बुधवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई करते हुए सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी दी। अदालत ने कहा कि विशेष अदालत के पास क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर मामले में संज्ञान लेने का उचित आधार नहीं था। इसी कारण निचली अदालत के आदेश को भी रद्द कर दिया गया। यह फैसला पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के करीब डेढ़ साल बाद आया है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि उनके खिलाफ दर्ज न्यायालय की टिप्पणियों को भी समाप्त किया जाए, क्योंकि उनके खिलाफ किसी भी तरह की अवैध कार्रवाई का कोई ठोस आधार नहीं था।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल 2025 को ही डॉ. मनमोहन सिंह को जारी समन पर रोक लगा दी थी। उस दौरान भी अदालत में यह कहा गया था कि कोयला आवंटन मामले में उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका या गैरकानूनी कार्रवाई साबित नहीं हुई है। सीबीआई ने इस मामले में दो बार क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, लेकिन इसके बावजूद विशेष अदालत ने समन जारी किया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाते हुए क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली और इस लंबे कानूनी विवाद का अंत कर दिया।


