नई दिल्ली : भारतीय तटरक्षक बल के अधिकारियों, जवानों और उनके परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने दो अहम नीतिगत सुधारों की घोषणा की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली में इन फैसलों की घोषणा करते हुए कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य महिलाओं को समान अवसर देना और ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले जवानों के परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
पहले फैसले के तहत भारतीय तटरक्षक बल में अधिकारी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह जेंडर-न्यूट्रल बना दिया गया है। अब महिला उम्मीदवारों को पुरुषों के समान शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट और परमानेंट अपॉइंटमेंट दोनों के माध्यम से भर्ती का अवसर मिलेगा। वहीं, पात्र महिला अधिकारियों को पदोन्नति और स्थायी सेवा में शामिल होने का भी समान अवसर दिया जाएगा। दूसरे बड़े फैसले में ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले जवानों के परिवारों को बड़ी राहत दी गई है। अब ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों को जवान को ‘मृत घोषित’ करने का अधिकार होगा, जिससे अनुग्रह राशि और अन्य सेवा लाभों की प्रक्रिया तेज होगी। इससे परिवारों को लंबे समय तक प्रशासनिक प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और आर्थिक सहायता समय पर मिल सकेगी।
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ये सुधार 2027 में स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश करने जा रहे भारतीय तटरक्षक बल को और अधिक मजबूत बनाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार बल को आधुनिक, सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है।


