नागपुर में कैंसर के खिलाफ नई पहल, ACS की नई टीम संभालेगी कमान

26 जुलाई को पदग्रहण समारोह, डॉ. अभय बंग होंगे मुख्य अतिथि; देशभर के कैंसर विशेषज्ञ एक मंच पर जुटेंगे

नागपुर :  कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से मुकाबला केवल दवाओं से नहीं, बल्कि जागरूकता, समय पर जांच और विशेषज्ञों के सामूहिक प्रयासों से भी संभव है। इसी सोच के साथ अकादमी ऑफ कैंसर साइंसेज (ACS), नागपुर की नई कार्यकारिणी का पदग्रहण समारोह 26 जुलाई को सुबह 9 बजे होटल सेंटर पॉइंट, रामदासपेठ में आयोजित किया जाएगा।

समारोह में डॉ. सुशील मंधानिया अध्यक्ष और डॉ. अमोल डोंगरे मानद सचिव के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही नई कार्यकारिणी के अन्य सदस्य भी अपनी जिम्मेदारियां संभालेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. अभय बंग होंगे, जबकि टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई के पूर्व डीन (शैक्षणिक) डॉ. श्रीपाद डी. बनवली विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। पदग्रहण समारोह के बाद कैंसर उपचार और अनुसंधान पर आधारित वैज्ञानिक सत्र आयोजित होगा। इसमें शोध प्रस्तुतियां, विशेषज्ञों के व्याख्यान और आधुनिक कैंसर उपचार से जुड़ी नई तकनीकों पर चर्चा की जाएगी। विदर्भ सहित देश के विभिन्न हिस्सों से कैंसर विशेषज्ञ, सर्जन, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, चिकित्सक और शोधकर्ता इसमें हिस्सा लेंगे।

बढ़ते कैंसर मामलों को देखते हुए अकादमी का फोकस लोगों में जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच को प्रोत्साहित करने और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित बेहतर उपचार व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा। संस्था लगातार चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से मरीजों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

 

लोकतंत्र मिरर

लोकतंत्र मिरर जनता का भरोसेमंद न्यूज चैनल 📍 महाराष्ट्र | पूरे भारत की खबरें ⚡ राजनीति | व्यापार | मनोरंजन | खेल | ताजा अपडेट 📢 ब्रांड प्रमोशन/ विज्ञापन के लिए संपर्क करे: 📞 9545924968/7758043733

Related Posts

वेकोलि में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 का शुभारंभ

नागपूर,प्रणय डाबरे (प्रतिनिधि) : वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर वेकोलि के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक डॉ.…

विदर्भ को दुष्कालमुक्त बनाने पर जोर, जलसंरक्षण और फसल नियोजन को बताया जरूरी; नितिन गडकरी का आह्वान

नागपुर : विदर्भ में सूखे की समस्या केवल खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर किसानों की आर्थिक स्थिति और ग्रामीण जीवन पर भी पड़ता है। ऐसे में किसानों…