2027 वनडे वर्ल्ड कप की रेस में तिलक वर्मा ने ठोका दावा, मुश्किल हालात में जड़ा नाबाद शतक

5 विकेट पर 80 रन से टीम को संभाला; दक्षिण क्षेत्र को मिली 90 रन की बढ़त

नई दिल्ली : 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम की तैयारियां धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने अपने शानदार प्रदर्शन से एक बार फिर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण क्षेत्र की टीम मुश्किल स्थिति में थी, लेकिन तिलक ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए नाबाद शतक जड़ दिया।

उत्तर क्षेत्र ने पहली पारी में 195 रन बनाए थे। जवाब में दक्षिण क्षेत्र की शुरुआत बेहद खराब रही और महज 80 रन के स्कोर पर उसके पांच बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। इसके बाद तिलक वर्मा ने मोर्चा संभाला और अपनी शानदार पारी से टीम को संकट से बाहर निकाला।

250 गेंदों पर नाबाद 116 रन

तिलक ने अपनी पारी में जबरदस्त संयम दिखाया। उन्होंने 250 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 116 रन बनाए, जिसमें सात चौके शामिल रहे। खास बात यह रही कि तिलक ने अपना पहला चौका 42 गेंद खेलने के बाद लगाया। इसके बाद भी उन्होंने जोखिम लेने के बजाय पारी को संभालने पर ध्यान दिया। तिलक को दूसरे छोर पर श्रेयस गोपाल का शानदार साथ मिला। दोनों ने छठे विकेट के लिए 175 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। गोपाल ने 169 गेंदों में 87 रन बनाए। इस साझेदारी ने 5 विकेट पर 80 रन के स्कोर से दक्षिण क्षेत्र की पारी को पूरी तरह संभाल लिया।

दक्षिण क्षेत्र को 90 रन की बढ़त

गोपाल के आउट होने के बाद दक्षिण क्षेत्र के कुछ और विकेट जल्दी गिर गए, लेकिन तिलक एक छोर पर टिके रहे। दिन का खेल खत्म होने तक दक्षिण क्षेत्र ने 9 विकेट पर 285 रन बनाए। इस तरह टीम को पहली पारी के आधार पर उत्तर क्षेत्र के खिलाफ 90 रनों की बढ़त मिल गई। तिलक का यह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आठवां शतक है। मुश्किल परिस्थिति में खेली गई इस पारी के कारण उनके शतक का महत्व और बढ़ गया है।

वर्ल्ड कप की तैयारी में तिलक पर नजर

2027 वनडे वर्ल्ड कप को अभी समय है, लेकिन भारतीय टीम मैनेजमेंट ने मध्यक्रम के लिए विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में तिलक वर्मा का नाम भी चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें श्रेयस अय्यर के संभावित बैकअप के तौर पर देखा जा रहा है। तिलक का बाएं हाथ का बल्लेबाज होना भी भारतीय टीम के लिए एक अतिरिक्त फायदा हो सकता है। इसके अलावा उनकी ऑफ स्पिन गेंदबाजी पर भी काम किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर वह वनडे में कुछ ओवर गेंदबाजी कर सकें।

मुश्किल वक्त में चमकी तिलक की बल्लेबाजी

मेरी नजर में तिलक वर्मा की इस पारी की सबसे खास बात सिर्फ उनका शतक नहीं, बल्कि 5 विकेट पर 80 रन की मुश्किल स्थिति से टीम को संभालना है। लंबे समय तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी करना और टीम को 90 रनों की बढ़त तक पहुंचाना उनके धैर्य और जिम्मेदारी को दिखाता है। वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की दौड़ अभी लंबी है। लेकिन तिलक वर्मा ने इस शानदार पारी के जरिए यह जरूर दिखा दिया है कि वह इस दौड़ में खुद को मजबूती से बनाए हुए हैं।

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