उत्तर प्रदेश के युवा कारोबारी शिवा शर्मा की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में है। इस मामले में फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और निजी वाहन चालक दानिश तनवीर को नागपुर में पकड़े जाने के बाद अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर लखनऊ से करीब 900 किलोमीटर दूर नागपुर को छिपने के लिए क्यों चुना गया? तीनों को यहां रहने के लिए फ्लैट किसने उपलब्ध कराया और इसमें आमिर की क्या भूमिका थी? फिलहाल नागपुर पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है।
फ्लैट में छिपे थे तीनों आरोपी
जानकारी के मुताबिक, 9 अक्टूबर को बहुमंजिला इमारत से गिरने के कारण युवा कारोबारी शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। इस मामले के बाद से श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश तनवीर फरार थे। उनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें आगरा और नेपाल समेत अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही थीं।
इसी बीच श्रद्धा के लखनऊ पहुंचने और एक समाचार एजेंसी को इंटरव्यू देने की खबर सामने आई। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई और जांच को लेकर सवाल उठने लगे। मामले में लापरवाही के आरोपों के बीच लखनऊ में कुछ पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई। आखिरकार, मंगलवार को शाम करीब 4:30 बजे श्रद्धा, उसकी बहन और चालक को नागपुर के एक फ्लैट से पकड़ लिया गया। करीब 11 दिनों से पुलिस की नजरों से बच रहे तीनों के नागपुर में मिलने से जांच को नया मोड़ मिला है।
आमिर के जरिए मिला था फ्लैट?
इस मामले में अब एक नाम चर्चा में है, वह है आमिर। जानकारी के अनुसार, जिस इमारत की 11वीं मंजिल पर श्रद्धा, रश्मि और दानिश मिले, उस फ्लैट के मालिक की पहचान सामने आने के बावजूद पुलिस ने उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया है। हालांकि, सामने आई जानकारी के मुताबिक, आमिर नाम के युवक के माध्यम से श्रद्धा को यह फ्लैट उपलब्ध कराया गया था। ऐसे में पुलिस अब फ्लैट के मालिक और आमिर के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है। जांच का एक अहम सवाल यह भी है कि क्या तीनों को नागपुर में ठहराने की व्यवस्था पहले से की गई थी।
दानिश के फोन से आमिर के संपर्क में थी श्रद्धा
सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा दानिश के मोबाइल फोन के जरिए आमिर के लगातार संपर्क में थी और उसके निर्देशों का पालन कर रही थी। बताया जाता है कि जब पुलिस फ्लैट पर पहुंची, तब श्रद्धा ने करीब आधे घंटे तक दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिस को सामने देखकर श्रद्धा और उसकी बहन ने खुद को निर्दोष बताते हुए अपनी बात रखने की कोशिश की। हालांकि, मामले में उनकी भूमिका और आमिर के साथ उनके संपर्क की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आखिर नागपुर ही क्यों चुना?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब उत्तर प्रदेश पुलिस श्रद्धा और उसके साथियों की तलाश कर रही थी, तब उन्होंने नागपुर में छिपने का फैसला क्यों किया? सूत्रों के अनुसार, श्रद्धा को लगा था कि लखनऊ से काफी दूर होने के कारण नागपुर में पुलिस की नजरों से बचना आसान होगा। यह भी बताया जा रहा है कि उसने लखनऊ की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। जमानत पर फैसला आने तक श्रद्धा, रश्मि और दानिश नागपुर में रुकने की योजना बना रहे थे। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। नागपुर में तीनों को किसने ठहराया, आमिर की भूमिका क्या थी और उनके यहां आने के पीछे क्या वजह थी, इन सवालों की जांच अब नागपुर पुलिस कर रही है।
नागपुर में 24 घंटे का ठहराव, कई सवाल बाकी
शिवा शर्मा मौत मामले में तीनों की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन नागपुर में उनके ठहरने का पूरा घटनाक्रम अभी सामने आना बाकी है। फ्लैट किसने उपलब्ध कराया, आमिर किसके संपर्क में था और क्या इस पूरे इंतजाम के पीछे कोई बड़ी योजना थी? इन सवालों के जवाब जांच के आगे बढ़ने के साथ सामने आ सकते हैं। फिलहाल, नागपुर पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती तीनों के यहां पहुंचने से लेकर गिरफ्तारी तक की कड़ियों को जोड़ना है।


