विद्यार्थियों को बड़ी राहत! महाराष्ट्र में भर्ती परीक्षाओं की बदलेगी व्यवस्था, फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला

पेपर लीक रोकने के लिए सख्ती, 25 हजार सुरक्षित क्लासरूम बनाने की तैयारी

मुंबई : सरकारी नौकरी की भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे महाराष्ट्र के लाखों विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर है। भर्ती परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक सुधार करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसके लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।

वर्षा निवास पर हुई विशेष बैठक में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार केवल सरकारी स्तर पर तय नहीं किया जाएगा, बल्कि विद्यार्थियों और परीक्षा से जुड़े अन्य लोगों की राय भी ली जाएगी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी बैठक में मौजूद रहे और उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेगी समिति

भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गठित होने वाली समिति की अध्यक्षता सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा करेंगी। समिति में पुलिस महासंचालक सदानंद दाते, सूचना-प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, पशुसंवर्धन विभाग के सचिव डॉ. एन. रामास्वामी और नाशिक विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम शामिल होंगे। यह समिति राज्य के अलग-अलग राजस्व विभागों में जाकर विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों से चर्चा करेगी। उनकी समस्याएं और सुझाव समझने के बाद राज्य के लिए एक व्यापक परीक्षा सुधार नीति तैयार की जाएगी।

पेपर लीक पर और कड़ा शिकंजा

पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए अधिक कठोर कानून को महाराष्ट्र में भी लागू करने की प्रक्रिया अगले पखवाड़े में पूरी करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। महाराष्ट्र में पहले से ही परीक्षा गैरप्रकारों के संबंध में कानून मौजूद है, लेकिन केंद्राचा कायदा अधिक कठोर असल्याने त्याची अंमलबजावणी करण्याचा निर्णय घेण्यात आला आहे.

25 हजार सुरक्षित क्लासरूम बनाने की तैयारी

राज्य में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के लिए कम से कम 25 हजार सुरक्षित क्लासरूम तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने पर बैठक में विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को भी अधिक प्रभावी बनाने पर विचार किया गया। साथ ही दूसरे देशों की परीक्षा प्रणालियों का अध्ययन कर महाराष्ट्र में लागू किए जा सकने वाले बेहतर तरीकों पर भी चर्चा हुई।

अब परीक्षा व्यवस्था पर विद्यार्थियों की नजर

भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक या अन्य गड़बड़ियों की खबरों से विद्यार्थियों का भरोसा प्रभावित होता है। ऐसे में सरकार का यह फैसला परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब समिति विद्यार्थियों की वास्तविक समस्याओं को समझकर क्या बदलाव सुझाती है और उन सुझावों को किस तरह लागू किया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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