फिल्म ‘रामायण’ अपनी भव्यता, शानदार विजुअल्स और दमदार वीएफएक्स को लेकर लगातार चर्चा में है। फिल्म में कलाकारों के अभिनय के साथ-साथ जिस चीज ने दर्शकों का ध्यान खींचा है, वह है इसका विशाल सेट और बारीकी से तैयार की गई कलाकृतियां। पर्दे पर दिखाई देने वाली सोने की लंका, रावण का भव्य दरबार और पुष्पक विमान जितने आकर्षक नजर आते हैं, उन्हें तैयार करने के पीछे उतनी ही मेहनत और बड़ा बजट लगा है। करीब 4000 करोड़ रुपये के बजट वाली इस फिल्म के सेट पर भी मेकर्स ने जमकर पैसा खर्च किया है। खास बात यह है कि रावण के सिंहासन को तैयार करने में ही 1 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, शूर्पणखा के खास रथ को बनाने में इससे भी ज्यादा लागत आई है।
चार महीने में तैयार हुआ रावण का सिंहासन
फिल्म के कला निर्देशक रमेश ने प्रभात खबर को दिए इंटरव्यू में सेट से जुड़ी कई दिलचस्प जानकारियां साझा कीं। उनके मुताबिक, रावण का सिंहासन तैयार करने में करीब चार महीने का समय लगा। इसे बनाने में फाइबर का इस्तेमाल किया गया और मजबूत आधार देने के लिए मिट्टी का भी सहारा लिया गया। सिंहासन को शाही और भव्य रूप देने के लिए इस पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई गई। इसकी कुल लागत करीब 1 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं, शूर्पणखा के किरदार के लिए तैयार किए गए विशेष रथ को बनाने में भी मेकर्स ने कोई कमी नहीं छोड़ी। इस रथ को तैयार करने में तीन महीने लगे और इस पर सिंहासन से भी ज्यादा खर्च हुआ।
150 से ज्यादा सेट, जटायु का 24 फीट का मॉडल
फिल्म की दुनिया को वास्तविक और भव्य दिखाने के लिए 150 से अधिक सेट तैयार किए गए। इनकी तैयारी अप्रैल 2024 से ही शुरू हो गई थी। मुंबई की फिल्म सिटी में कई विशाल सेट बनाए गए, जिनमें हर छोटी-बड़ी चीज का खास ध्यान रखा गया। फिल्म में जटायु को जीवंत रूप देने के लिए उसका 24 फीट का विशाल मॉडल भी तैयार किया गया। इसका उद्देश्य दर्शकों को कहानी के महत्वपूर्ण दृश्यों से भावनात्मक रूप से जोड़ना था।
पुष्पक विमान बनाने में लगे छह साल
रावण का पुष्पक विमान भी फिल्म के सबसे खास आकर्षणों में से एक है। इसे तैयार करने के लिए निर्देशक नितेश तिवारी करीब छह साल से काम कर रहे थे। लगभग 50 फीट चौड़े इस विमान का आकार इतना बड़ा था कि इसे एक ही हिस्से में स्टूडियो के अंदर तैयार करना संभव नहीं था। इसलिए इसे चार अलग-अलग हिस्सों में बनाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 40 से 50 दिन लगे।
500 से 600 मजदूरों ने बनाई सोने की लंका
रावण की सोने की लंका को पर्दे पर उतारना भी मेकर्स के लिए बड़ी चुनौती थी। कला निर्देशक के मुताबिक, इस भव्य सेट को तैयार करने में करीब 500 से 600 मजदूर लगातार जुटे रहे। वहीं, बड़े भीड़ वाले दृश्यों को फिल्माने के लिए लगभग 1000 डांसर्स और जूनियर कलाकारों को शामिल किया गया था। निर्देशक नितेश तिवारी भी सेट और कॉन्सेप्ट आर्ट को लेकर काफी बारीकी से काम करते थे। शूटिंग से पहले वह रीबोर्ड और कॉन्सेप्ट आर्ट का विस्तार से निरीक्षण करते थे, ताकि पर्दे पर दिखाई देने वाला हर दृश्य उनकी कल्पना के अनुरूप हो।
रामायण पार्ट 2’ को लेकर बढ़ी उत्सुकता
पहले भाग के बाद अब दर्शकों की नजरें ‘रामायण पार्ट 2’ पर टिकी हैं। पहले भाग के पोस्ट क्रेडिट सीन में मेघनाद और हनुमान से जुड़ा दृश्य दिखाया गया है, जिसने अगले भाग को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है। फिलहाल दूसरे भाग पर काम जारी है। इसकी रिलीज पहले अगले साल होने की चर्चा थी, लेकिन अब इसके 2028 में रिलीज होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुल मिलाकर, ‘रामायण’ की भव्यता सिर्फ बड़े बजट तक सीमित नहीं है। इसके पीछे सैकड़ों लोगों की मेहनत, महीनों की तैयारी और हर दृश्य को खास बनाने की कोशिश छिपी है। यही वजह है कि फिल्म के सेट और कलाकृतियां भी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन रही हैं।


