अयोध्या: राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। राम मंदिर निर्माण और स्वर्ण मंडप (सुवर्ण दालन) के नाम पर देशभर से जुटाए गए धन, सोना और चांदी के कथित दुरुपयोग को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ विशेष जांच दल (SIT) के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हजारों गांवों से एकत्र की गई नकद राशि, सोना और चांदी को अधिकृत राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपने के बजाय उसमें अनियमितताएं की गईं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है
यह शिकायत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत को सौंपी गई है। वहीं, स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने भी एसआईटी अधिकारियों से मुलाकात कर मामले की गहन जांच करने का आग्रह किया है।
इस बीच, राम मंदिर से जुड़ी कथित दान गबन मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को 26 जून 2026 को अदालत ने 29 जून 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसके बाद उन्हें विशेष अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं।
एसआईटी का दावा है कि जांच के दौरान अब तक आरोपियों के पास से 79.85 लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था, जो पूरे मामले की जांच कर रही है।


