यवतमाल : यवतमाल जिले के बेलगव्हाण में शुक्रवार को लोकनायक बापूजी अणे के जंगल सत्याग्रह की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उनके योगदान को याद करते हुए उपस्थित नागरिकों और मान्यवरों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
10 जुलाई 1930 को बेलगव्हाण में बापूजी अणे के नेतृत्व में जंगल सत्याग्रह हुआ था, जिसे स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। उस समय सविनय अवज्ञा आंदोलन के तहत प्रतीकात्मक रूप से विळे से घास काटकर ब्रिटिश शासन के कानूनों का विरोध किया गया था। इस आंदोलन में भाग लेने वाले कई स्वतंत्रता सेनानियों को ब्रिटिश सरकार ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
स्मृतिदिन कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि जंगल सत्याग्रह केवल वन अधिकारों का प्रश्न नहीं था, बल्कि वह स्वतंत्रता के लिए जनसंगठन और संघर्ष का सशक्त उदाहरण था। आज भी यह आंदोलन देशभक्ति और जनआंदोलन की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक निलय नाईक, वन विभाग के अधिकारी, किसान नेता तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने लोकनायक बापूजी अणे के स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान को नमन किया।


