महाराष्ट्र में 484 करोड़ की 9 बड़ी रेल परियोजनाओं का उद्घाटन 12 जुलाई को, इन 6 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

नागपुर : महाराष्ट्र में रेलवे लेवल क्रॉसिंग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महारेल) 12 जुलाई को राज्य के छह जिलों में तैयार 9 प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं का लोकार्पण करेगा। इन परियोजनाओं में 4 रेल ओवरब्रिज (ROB), 4 सबवे और 1 रोड अंडर ब्रिज (RUB) शामिल हैं। इन परियोजनाओं पर लगभग 484 करोड़ रुपये की लागत आई है।
नागपुर में आयोजित होने वाले उद्घाटन समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे। उनके हाथों नागपुर स्थित दीप्ती सिग्नल रेल ओवरब्रिज का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। वहीं नागपुर, सातारा, नाशिक, सांगली, चंद्रपुर और अमरावती जिलों में स्थित अन्य आठ परियोजनाओं का लोकार्पण दीप्ती सिग्नल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। समारोह में संबंधित जिलों के पालकमंत्री, सांसद, विधायक, रेलवे, लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
महारेल के अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेलवे लेवल क्रॉसिंग को समाप्त कर यातायात को अधिक सुरक्षित और निर्बाध बनाना है। इनसे सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, यातायात की भीड़ कम होगी तथा क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है। लोकार्पित होने वाली परियोजनाओं में सांगली के किर्लोस्करवाड़ी, अमरावती के बडनेरा, चंद्रपुर के मोरवा और नागपुर के दीप्ती सिग्नल पर रेल ओवरब्रिज बनाए गए हैं। वहीं नाशिक के खेरवाड़ी, सातारा के मसूर, सांगली के भिलवडी और नागपुर के डोंगरगांव में सबवे तथा नागपुर के शांति नगर में रोड अंडर ब्रिज तैयार किया गया है। महारेल ने बताया कि इन 9 परियोजनाओं में से 7 परियोजनाएं रेलवे मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार की 50:50 लागत साझेदारी के तहत पूरी की गई हैं, जबकि नागपुर की दो परियोजनाओं का पूरा वित्तपोषण CRIF के माध्यम से किया गया है। महारेल के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार जायसवाल ने कहा कि ये परियोजनाएं महाराष्ट्र को “रेलवे फाटक मुक्त” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। उन्होंने कहा कि संस्था आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों के माध्यम से सुरक्षित, टिकाऊ, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन परियोजनाओं से यात्रा का समय कम होगा, यातायात सुगम बनेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि महारेल द्वारा निर्मित सभी सबवे मजबूत ड्रेनेज सिस्टम और सुरक्षा शेड से सुसज्जित हैं, ताकि भारी बारिश के दौरान भी जलभराव या रिसाव की समस्या न हो और लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।
महारेल ने अपने रेल ओवरब्रिजों में कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया है। इनमें पेटेंट प्राप्त इंटीग्रेटेड यूटिलिटी डक्ट, आकर्षक एलईडी थीम लाइटिंग, बेहतर गुणवत्ता वाला वेयरिंग कोट तथा CECRI द्वारा विकसित फोर-कोट एपॉक्सी पेंट सिस्टम शामिल है। साथ ही भविष्य में इन पुलों पर बिजली की खपत कम करने के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग की भी योजना बनाई गई है। महारेल का कहना है कि राज्यभर में रेलवे लेवल क्रॉसिंग को समाप्त कर सुरक्षित, आधुनिक और निर्बाध परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में ऐसे आधारभूत ढांचा परियोजनाओं का कार्य आगे भी जारी रहेगा।

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