आळंदी : महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण देहू और आळंदी क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इंद्रायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी पर बने चारों पुल पानी में डूब गए हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। इसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संत ज्ञानेश्वर महाराज और संत तुकाराम महाराज की पालखी यात्रा में शामिल होने वाले वारकरियों से सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में देहू और आळंदी पहुंचना जोखिम भरा हो सकता है। दोनों संतों की पालखियां 10 जुलाई को पुणे पहुंचने वाली हैं, इसलिए वारकरियों से आग्रह किया गया है कि वे इन दोनों स्थानों पर भीड़ बढ़ाने के बजाय सीधे पुणे पहुंचें। उन्होंने कहा कि प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करना सभी की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन के साथ सहयोग करना आवश्यक है। उन्होंने वारकरियों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।इस बीच, राज्य सरकार ने वारी को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं तेज़ी से शुरू कर दी हैं।
लगातार बारिश को देखते हुए वारकरियों के लिए सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था, भोजन और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। अधिक से अधिक जर्मन हैंगर भी तैयार किए जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित आश्रय मिल सके। जिला पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि वारकरियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।


