फर्जी जाति वैधता मामले में बड़ा एक्शन

नागपुर : गोविंदराव वंजारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में फर्जी अनुसूचित जनजाति (एसटी) जाति वैधता प्रमाणपत्र के आधार पर प्रवेश लेने के मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। विधानसभा में आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके ने जानकारी देते हुए बताया कि जांच के बाद 32 विद्यार्थियों के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में लिए गए प्रवेश रद्द कर दिए गए हैं। वहीं, इस पूरे मामले में दो सहायक प्राध्यापकों सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ पाचगांव पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि 10 अप्रैल को इस मामले की गहन जांच की मांग की गई थी। मोर्चा के अनुसार, भाजपा नागपुर शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने सबसे पहले इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए संबंधित कॉलेज प्रशासन और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके साथ ही पूरे रैकेट की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष भी रखी गई थी। साथ ही राज्य के अन्य निजी शिक्षण संस्थानों में भी फर्जी जाति वैधता प्रमाणपत्र के आधार पर हुए प्रवेशों की जांच कराने की मांग की गई थी। दयाशंकर तिवारी के मार्गदर्शन में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के शहर अध्यक्ष आकाश मडावी के नेतृत्व में 10 अप्रैल को अनुसूचित जनजाति जाति वैधता प्रमाणपत्र जांच समिति के सह-आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया था। ज्ञापन में गोविंदराव वंजारी कॉलेज के पूरे प्रकरण की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की गई थी। साथ ही यह आशंका भी जताई गई थी कि इस मामले में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि कुछ प्राध्यापक, अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं।
विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके ने बताया कि फर्जी जाति वैधता प्रमाणपत्र के आधार पर प्रवेश लेने वाले 32 विद्यार्थियों के दाखिले रद्द कर दिए गए हैं। साथ ही दो सहायक प्राध्यापकों सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ पाचगांव पुलिस थाने में अपराध दर्ज किया गया है। मंत्री ने यह भी बताया कि भविष्य में कोई भी शिक्षण संस्थान जाति वैधता प्रमाणपत्र का विधिवत सत्यापन किए बिना आरक्षित वर्ग की सीटों पर प्रवेश नहीं देगा। इसके अलावा सभी शिक्षण संस्थानों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने कहा कि आरक्षण का लाभ केवल वास्तविक पात्र अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों तक ही पहुंचना चाहिए। मोर्चा ने पूरे मामले की एसआईटी से विस्तृत जांच कर इस रैकेट से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग दोहराई है। यह मांग भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के शहर अध्यक्ष आकाश मडावी, महानगर महामंत्री रोहित कुमरे, ललित मडावी, मौसमी परतेकी, अनिकेत कुमरे, सागर इवनाते, अश्विन गेडाम, लतीकेश परतेकी, मनीष सयाम तथा करुणा आत्राम की ओर से भी दोहराई गई।

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