नागपुर : नागपुर वन विभाग ने कुही तहसील के रुयाल-टेकेपार क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बनी एक हमलावर बाघिन को सफलतापूर्वक पकड़ लिया है। करीब तीन वर्ष की इस बाघिन को विशेष रेस्क्यू अभियान के तहत बेहोश कर सुरक्षित तरीके से जेरबंद किया गया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
वन विभाग के अनुसार, उत्तर उमरेड वनपरिक्षेत्र के रुयाल क्षेत्र में यह बाघिन लगातार सक्रिय थी। 6 जून 2026 को रुयाल गांव के खेत में बकरियां चरा रहे दिगंबर महादेव पाटिल (45) पर बाघिन ने हमला कर दिया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इससे पहले 27 मार्च 2026 को वेलतूर-टेकेपार मार्ग स्थित प्रतापपुर-रिठी क्षेत्र में अपने खेत में काम कर रहीं निर्मला श्रीपत गभणे (75) पर भी बाघिन ने हमला किया था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी भी मृत्यु हो गई थी। इन दोनों घटनाओं के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने लगातार गश्त बढ़ाई, ट्रैप कैमरों के माध्यम से बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखी और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में रेस्क्यू अभियान की योजना बनाई। बाघिन की पहचान होने के बाद 8 जुलाई 2026 की शाम करीब 6 बजे वन विभाग की विशेष रेस्क्यू टीम ने उसे ट्रैंक्विलाइज़ (भूल देकर) कर सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई के दौरान वन्यजीव संरक्षण से संबंधित मानक कार्यप्रणाली (SOP) का पालन किया गया।
रेस्क्यू अभियान उपवनसंरक्षक डॉ. विनिता व्यास तथा सहायक वनसंरक्षक मनोज धनविजय के मार्गदर्शन में चलाया गया। अभियान में उत्तर उमरेड के वनपरिक्षेत्र अधिकारी निलय भोगे, वन विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT), एफडीसीएम (FDCM) के अधिकारी-कर्मचारी और टी.टी.सी. नागपुर के पशु चिकित्सकीय दल ने संयुक्त रूप से भाग लिया। बाघिन को पकड़ने के बाद उसकी चिकित्सकीय जांच की गई। वन विभाग के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर है और आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार की जाएगी। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी क्षेत्र में वन्यजीव दिखाई देने पर अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उसके पास जाने या उसे परेशान करने का प्रयास करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।


